उत्तर प्रदेश

जनभवन में गरबा महोत्सव की धूम, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की आरती

nidhi
13 Oct 2026 11:41 AM IST
जनभवन में गरबा महोत्सव की धूम, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की आरती
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मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा
लखनऊ: शारदीय नवरात्र के अवसर पर जनभवन में गरबा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में हुए कार्यक्रम में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और आरती की गई। इसके बाद पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों ने गरबा प्रस्तुत किया। आयोजन में देवी आराधना के साथ लोक संस्कृति के रंग दिखाई दिए। नौ दिवसीय यह महोत्सव 19 अक्टूबर तक चलेगा।
नवरात्र के दूसरे दिन जनभवन के लॉन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने मां दुर्गा की पूजा और आरती की। विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा संस्थाओं के विद्यार्थियों ने गरबा में भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में पहुंचे प्रतिभागियों ने सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने भी सहभागिता की।
महोत्सव में विद्यार्थियों के साथ जनभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया। कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। नृत्य की लय, रंग-बिरंगे परिधान और मां दुर्गा की आराधना आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे। जनभवन परिसर में भक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ गरबा किया।
गरबा नवरात्र के अवसर पर किया जाने वाला पारंपरिक और भक्तिपरक नृत्य है। इसका संबंध शक्ति की आराधना से है। गुजरात से जुड़ी यह लोक परंपरा देश के विभिन्न हिस्सों में भी प्रचलित है। नवरात्र के नौ दिनों में गरबा के माध्यम से देवी की उपासना की जाती है। लखनऊ के जनभवन में आयोजित महोत्सव में भी पूजा और लोकनृत्य, दोनों को स्थान दिया गया है।
इस लोकनृत्य की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। वर्ष 2023 में ‘गुजरात के गरबा’ को यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया था। यह मान्यता गरबा की जीवंत परंपरा, सामूहिक सहभागिता और पीढ़ियों के बीच उसके हस्तांतरण से जुड़ी है। गरबा धार्मिक आयोजन होने के साथ समुदायों को एक साथ भाग लेने का अवसर भी देता है।
नवरात्र में गरबा का आयोजन देवी आराधना
को संगीत और नृत्य से जोड़ता है। इसकी प्रस्तुतियों में पारंपरिक वेशभूषा और सामूहिक भागीदारी विशेष स्थान रखती है। यूनेस्को के विवरण में इसे शक्ति की उपासना के अवसर पर किया जाने वाला अनुष्ठानिक और भक्तिपरक नृत्य बताया गया है। इस परंपरा में भाग लेने वाले लोग सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के माध्यम से अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। जनभवन के कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी ने इसी सामूहिक सहभागिता को सामने रखा।
राजधानी में नवरात्र के दूसरे दिन मंदिरों में भी पूजा-पाठ और आरती का क्रम जारी रहा। चौक स्थित मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई। मां का मेवे और फलों से शृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने चुनरी तथा शृंगार सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर में फलाहारी प्रसाद और भंडारे की व्यवस्था भी की गई। इस तरह शहर में मंदिरों की धार्मिक गतिविधियों के साथ जनभवन का सांस्कृतिक आयोजन भी नवरात्र उत्सव का हिस्सा बना।
जनभवन का गरबा महोत्सव 19 अक्टूबर तक निर्धारित है। उपलब्ध जानकारी में विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थाओं के विद्यार्थियों की भागीदारी का उल्लेख किया गया है। कार्यक्रम में मां दुर्गा की पूजा, आरती और पारंपरिक गरबा प्रस्तुतियां शामिल हैं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में सोमवार का आयोजन संपन्न हुआ। हालांकि, आम लोगों के प्रवेश, पंजीकरण या प्रतिदिन के कार्यक्रम समय का विवरण उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दिया गया है।
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