उत्तर प्रदेश

उन्नाव के निचले इलाकों में घुसा गंगा का पानी

Ratna Netam
13 Aug 2026 2:26 PM IST
उन्नाव के निचले इलाकों में घुसा गंगा का पानी
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कानपुर : पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और चमोली में बादल फटने की घटना के बाद उत्तर प्रदेश में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा बैराज से प्रतिदिन छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में लगातार वृद्धि की जा रही है। पिछले दस दिनों से बैराज से ढाई लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा चुका है। बुधवार को बैराज से 2,85,077 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इसके कारण उन्नाव का गोताखोर मोहल्ला बाढ़ की चपेट में आ गया है, जबकि कानपुर नगर में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
गंगा बैराज पर नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के बेहद करीब पहुंच गया है। बैराज पर चेतावनी बिंदु 114 मीटर है और गंगा इससे केवल 49 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। शुक्लागंज गेज पर भी जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 88 सेंटीमीटर दूर रह गया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने गंगा किनारे बसे गांवों और कटरी क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
चमोली में बादल फटने के बाद बढ़ी चिंता
चमोली में सोमवार शाम बादल फटने के बाद गंगा के प्रवाह वाले सभी प्रमुख जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया था। हरिद्वार बैराज से सूचना दी गई थी कि बादल फटने के कारण बड़ी मात्रा में पानी आने की संभावना है। इसे देखते हुए हरिद्वार बैराज पर रिजर्व में रखा गया पानी भी छोड़ा जाने लगा था।
हालांकि, बुधवार को पानी का प्रवाह कम होने के बाद रिजर्व में रखे गए पानी को छोड़ना बंद कर दिया गया। इसके बावजूद गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पहाड़ों पर बारिश जारी रहने की स्थिति में नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है।
बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों की संख्या बढ़ी
संभावित बाढ़ को देखते हुए कानपुर प्रशासन ने सुरक्षा प्रबंध तेज कर दिए हैं। जिले में छह नई बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं, जिसके बाद इनकी कुल संख्या बढ़कर 35 हो गई है। बाढ़ राहत शिविरों की संख्या भी 90 से बढ़ाकर 101 कर दी गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल को भी अलर्ट कर दिया गया है।
जिले के 176 गांवों में गंगा का पानी प्रवेश करने की आशंका जताई गई है। इनमें सदर तहसील के 54, घाटमपुर के 58, बिल्हौर के 51 और नर्वल तहसील के 12 गांव शामिल हैं। इन गांवों में रहने वाले लोगों को जलस्तर पर नजर रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
121 नाव और 60 गोताखोर तैनात
कटरी क्षेत्रों में पानी का फैलाव शुरू होने के बाद प्रशासन ने 121 नाव और 60 गोताखोरों को जिले के अलग-अलग संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया है। किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सदर तहसील में सात, घाटमपुर में 16, बिल्हौर में नौ और नर्वल में तीन बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इसके अतिरिक्त सदर तहसील में सात, घाटमपुर में 16, बिल्हौर में 66 और नर्वल में 12 बाढ़ शरणालय तैयार किए गए हैं। इन शरणालयों में प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 326 लाइफ जैकेट, 163 लाइफ ब्वाय, 163 किलोग्राम रस्सी, 163 टॉर्च, 12 पतवार और 12 बांस मंगाए हैं। एडीएम वित्त विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि तहसील स्तर की टीमें लगातार गंगा के बढ़ते जलस्तर की निगरानी कर रही हैं। फिलहाल खतरे जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन कटरी के गांवों को सतर्क कर दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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