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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (पूविवि) के 30वें दीक्षा समारोह को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मुख्य समारोह को सफल और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम का रिहर्सल पूरा किया। इस दौरान समारोह की सभी गतिविधियों का क्रमवार अभ्यास किया गया और व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई।
रिहर्सल के दौरान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता के साथ निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीक्षा समारोह विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण आयोजन है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, जिससे समारोह गरिमापूर्ण और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सके।
पूविवि का 30वां दीक्षा समारोह 27 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में एनसीसी के अपर महानिदेशक मेजर जनरल गौरव गौतम (अति विशिष्ट सेवा मेडल) शामिल होंगे। इसके अलावा उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय अतिविशिष्ट अतिथि और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी।
दीक्षा समारोह में इस बार विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को विशेष सम्मान दिया जाएगा। कुल 83 मेधावी विद्यार्थियों को 84 पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही 339 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और एक शोधार्थी को डीएससी (डॉक्टर ऑफ साइंस) की उपाधि प्रदान की जाएगी। समारोह को लेकर विद्यार्थियों और शोधार्थियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
रिहर्सल के दौरान मुख्य अतिथि, राज्यपाल, मंत्री और अन्य अतिथियों की भूमिका भी तय लोगों ने निभाई। अतिथियों के आगमन, शैक्षणिक शोभायात्रा, मंच पर अतिथियों के बैठने, दीप प्रज्ज्वलन, उपाधि वितरण और पदक प्रदान करने सहित सभी चरणों का निर्धारित समय के अनुसार अभ्यास किया गया।
विश्वविद्यालय की ओर से गोद लिए गए गांवों कुकड़ीपुर, देवकली, सुल्तानपुर और जासोपुर-जफरपुर में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को राज्यपाल के हाथों दिए जाने वाले विशेष पुरस्कारों की प्रक्रिया का भी अभ्यास कराया गया। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को स्कूल बैग, फल, ड्राई फ्रूट, ज्योमेट्री बॉक्स और महापुरुषों पर आधारित पुस्तकें वितरित करने की तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया गया।
रिहर्सल के दौरान स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी अभ्यास किया। 15 बच्चों ने देशभक्ति और लोकगीतों की प्रस्तुति दी, जबकि तीन बच्चों ने पर्यावरण और जल संरक्षण पर आधारित गीत प्रस्तुत किए। बच्चों की तैयारियों में एनसीसी समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव, प्रो. राकेश यादव और डॉ. राजबहादुर यादव ने सहयोग किया।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने समारोह में शामिल होने वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समारोह स्थल में प्रवेश केवल परिचय-पत्र दिखाने के बाद ही दिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई सामानों को प्रतिबंधित किया गया है।
उन्होंने बताया कि समारोह स्थल पर पेन, बैग, कैमरा, मोबाइल फोन, अस्त्र-शस्त्र और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना अनिवार्य होगा।
दीक्षा समारोह की तैयारियों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। रिहर्सल के दौरान सभी समितियों के कार्यों की समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि 27 जुलाई का आयोजन बिना किसी परेशानी के सफलतापूर्वक संपन्न हो और विद्यार्थियों के लिए यह दिन यादगार बन सके।





