- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- मुर्गे को चट कर पानी...

बुलंदशहर: लालगढ़ी गांव में मगरमच्छ को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब मगरमच्छ पिंजरे में रखे मुर्गे को खाकर भी पकड़ा नहीं जा सका। तकनीकी खराबी के कारण पिंजरे का दरवाजा बंद नहीं हुआ और मगरमच्छ आसानी से वापस तालाब में लौट गया। इस पूरी घटना का वीडियो मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बना लिया, जो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
मामला बुलंदशहर के थाना छतारी क्षेत्र के लालगढ़ी गांव का है। यहां स्थित तालाब में करीब सात दिन पहले ग्रामीणों ने एक विशाल मगरमच्छ को तैरते हुए देखा था। मगरमच्छ दिखाई देने के बाद गांव में डर का माहौल बन गया। ग्रामीणों और किसानों ने तालाब के आसपास जाना कम कर दिया था। लोगों को आशंका थी कि कभी भी मगरमच्छ किसी व्यक्ति या पशु को नुकसान पहुंचा सकता है।
ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची और मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए तालाब के किनारे एक लोहे का पिंजरा लगाया। मगरमच्छ को आकर्षित करने के लिए पिंजरे के अंदर एक मुर्गे को बांधा गया था, ताकि वह शिकार के लालच में पिंजरे में आ जाए और पकड़ा जा सके।
वन विभाग की योजना के अनुसार मगरमच्छ पिंजरे में पहुंच भी गया, लेकिन इसके बाद घटनाक्रम पूरी तरह बदल गया। रविवार सुबह जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि पिंजरे का दरवाजा खुला हुआ था और अंदर रखा मुर्गा गायब था। जांच करने पर पता चला कि मगरमच्छ पिंजरे में दाखिल हुआ और उसने मुर्गे को अपना शिकार बना लिया, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण पिंजरे का दरवाजा बंद नहीं हो पाया।
मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि मगरमच्छ पिंजरे के अंदर जाता है, मुर्गे को खाता है और फिर खुले दरवाजे से बाहर निकलकर वापस तालाब की ओर चला जाता है। ग्रामीणों ने इस वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद यह घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
वन विभाग की टीम को जब इसकी जानकारी मिली तो अधिकारी दोबारा मौके पर पहुंचे। टीम ने पिंजरे की जांच की और तकनीकी खराबी को इसकी वजह बताया। वन विभाग ने इसके बाद तालाब के पास दूसरा पिंजरा लगा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मगरमच्छ को पकड़ लिया जाएगा।
वन दारोगा वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पहले लगाए गए पिंजरे में तकनीकी समस्या के कारण दरवाजा बंद नहीं हो पाया था। इसी वजह से मगरमच्छ पकड़ में नहीं आ सका। अब दूसरा पिंजरा लगाया गया है और रेस्क्यू अभियान जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ के तालाब में होने से आसपास के लोगों में अभी भी डर बना हुआ है। गांव के लोग चाहते हैं कि वन विभाग जल्द से जल्द मगरमच्छ को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
इस घटना ने वन विभाग की रेस्क्यू व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी समस्या को दूर कर लिया गया है और जल्द ही अभियान सफल होगा। फिलहाल लालगढ़ी गांव के तालाब पर वन विभाग की निगरानी जारी है और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।





