उत्तर प्रदेश

Kazipura में किसानों की हुंकार, राकेश टिकैत ने संघर्ष समिति बनाने का किया ऐलान

Ratna Netam
12 July 2026 7:47 PM IST
Kazipura  में किसानों की हुंकार, राकेश टिकैत ने संघर्ष समिति बनाने का किया ऐलान
x

Ghaziabad गाजियाबाद : वेव सिटी क्षेत्र के काजीपुरा गांव में जमीन विवाद को लेकर किसानों और वेव सिटी प्रबंधन के बीच चल रहा मामला एक बार फिर गर्मा गया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत रविवार को काजीपुरा पहुंचे और किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने विवादित भूमि का निरीक्षण किया और किसानों के समर्थन में बड़े आंदोलन की घोषणा की।

राकेश टिकैत सबसे पहले पूर्व पार्षद आनंद चौधरी के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों के साथ बैठक की। बैठक में किसानों ने जमीन विवाद से जुड़ी अपनी समस्याएं और घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद राकेश टिकैत सैकड़ों किसानों के साथ उस जमीन पर पहुंचे, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।

किसानों का आरोप है कि खसरा संख्या 151 और 158 की भूमि पर 8 जुलाई को वेव सिटी प्रबंधन की ओर से प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में जबरन कब्जा किया गया। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने वाले कई लोगों को हिरासत में लिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, इस मामले में वेव सिटी प्रबंधन और प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

विवादित स्थल का निरीक्षण करने के बाद राकेश टिकैत ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है तो भारतीय किसान यूनियन पूरी ताकत के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी।

राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर जल्द ही काजीपुरा में बड़ी पंचायत आयोजित की जाएगी। इस पंचायत में आगे की रणनीति तय की जाएगी और किसानों के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे एकजुट रहें और अपने अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़ें। टिकैत ने कहा कि किसान अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के सामने रखेंगे, लेकिन जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।

काजीपुरा का जमीन विवाद अब स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर किसान संगठनों और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय किसान यूनियन के हस्तक्षेप के बाद मामले को लेकर किसानों में सक्रियता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में प्रस्तावित पंचायत और आंदोलन की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

प्रशासन, वेव सिटी प्रबंधन और किसान संगठनों के बीच इस विवाद का समाधान किस दिशा में जाता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल किसान अपनी मांगों को लेकर लामबंद हैं और संगठन ने उनके समर्थन में आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है।

Next Story