उत्तर प्रदेश

वर्दी में फोटो डालने वाला फर्जी ऑफिसर पकड़ा गया, महिलाओं को लुभाने का था मकसद

Rajeshwari Nishad
9 Oct 2026 6:19 PM IST
वर्दी में फोटो डालने वाला फर्जी ऑफिसर पकड़ा गया, महिलाओं को लुभाने का था मकसद
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजस्व विभाग के 455 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक यानी कानूनगो के पद पर पदोन्नति दी है। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने चयन वर्ष 2025-26 के तहत ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया पूरी की है। पदोन्नति के लिए पात्र पाए गए कर्मचारियों को अब नई जिम्मेदारी मिलेगी। इनकी तैनाती के आदेश जल्द जारी किए जाएंगे। इस निर्णय का उद्देश्य राजस्व निरीक्षक संवर्ग के रिक्त पदों को भरना और तहसील तथा क्षेत्रीय स्तर पर विभागीय कार्यों की निगरानी को मजबूत करना है।
राजस्व परिषद के अध्यक्ष बीएल मीणा ने बताया कि पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न कराई गई है। कर्मचारियों का परीक्षण निर्धारित पात्रता मानकों और उनके सेवा अभिलेखों के आधार पर किया गया। इस परीक्षण के बाद 455 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया गया। विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही संबंधित कर्मचारियों के अगले पद पर जाने का रास्ता साफ हो गया है। अब तैनाती संबंधी आदेश इस प्रक्रिया का अगला चरण होंगे।
यह पदोन्नति राजस्व विभाग में पहले से कार्यरत लेखपालों को मिली है। वे राजस्व निरीक्षक के रूप में काम करेंगे, जिसे सामान्य तौर पर कानूनगो भी कहा जाता है। नई जिम्मेदारी में तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व कार्यों की निगरानी तथा पर्यवेक्षण का महत्व रहेगा। पदोन्नति के बाद संबंधित कर्मचारियों की तैनाती कहां होगी, इसका निर्धारण आगामी आदेशों से होगा। फिलहाल पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होने और तैनाती आदेश जल्द जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
विभाग के अनुसार, ऑनलाइन डीपीसी के माध्यम से पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने से पारदर्शिता और समयबद्धता को बढ़ावा मिला है। कर्मचारियों की पात्रता जांचने के लिए निर्धारित मानकों और सेवा संबंधी दस्तावेजों को आधार बनाया गया। इस तरह चयन का केंद्र कर्मचारियों के अभिलेख और पदोन्नति के लिए तय पात्रता रही। राजस्व परिषद ने इसी परीक्षण के आधार पर योग्य कर्मचारियों का चयन किया। ऑनलाइन व्यवस्था का इस्तेमाल कार्मिक प्रबंधन में तकनीक के उपयोग की दिशा में भी एक कदम है।
राजस्व निरीक्षक संवर्ग में रिक्त पदों को भरने के लिहाज से यह निर्णय महत्वपूर्ण है। विभाग ने बताया है कि 455 लेखपालों की पदोन्नति से इस संवर्ग में खाली पदों को भरने में मदद मिलेगी। इसके साथ तहसील और मैदानी स्तर पर राजस्व संबंधी कामकाज के पर्यवेक्षण को मजबूती देने का उद्देश्य भी जुड़ा है। भूमि से संबंधित मामलों, पैमाइश और राजस्व अभिलेखों के काम में निगरानी की भूमिका रहती है। विभाग ने पदोन्नति को इन्हीं कार्यों की व्यवस्था बेहतर करने से जोड़ा है।
राजस्व परिषद की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस कदम से भूमि संबंधी मामलों और अन्य राजस्व कार्यों के निस्तारण में तेजी लाने में सहायता मिलने की उम्मीद है। जमीन की पैमाइश, सर्वेक्षण और अभिलेखों के रखरखाव जैसे काम भी राजस्व प्रशासन से जुड़े हैं। राजस्व निरीक्षक स्तर पर कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ने से इन कार्यों के पर्यवेक्षण की व्यवस्था को बल मिलेगा। हालांकि, पदोन्नति का निर्णय और कर्मचारियों की वास्तविक तैनाती दो अलग चरण हैं। नई तैनाती के आदेश जारी होने के बाद संबंधित कर्मचारियों का कार्यक्षेत्र स्पष्ट होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजस्व मामलों के त्वरित और न्यायसंगत निस्तारण पर जोर देते रहे हैं। प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल भी इसी दिशा का हिस्सा है। ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति के जरिए चयन प्रक्रिया पूरी करने को कार्मिक प्रबंधन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाने की पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस मामले में कर्मचारियों की पात्रता और सेवा अभिलेखों के परीक्षण से लेकर पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाए जाने तक की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हुई है।
पदोन्नत कर्मचारियों के लिए अब सबसे अहम अगला कदम तैनाती आदेश है। राजस्व परिषद ने कहा है कि ये आदेश जल्द जारी किए जाएंगे। इसके बाद कर्मचारी निर्धारित स्थानों पर राजस्व निरीक्षक की जिम्मेदारी संभालेंगे। उपलब्ध जानकारी में तैनाती आदेश जारी होने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। इसलिए फिलहाल स्पष्ट स्थिति यही है कि 455 लेखपालों की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उनके नए पद पर तैनाती से संबंधित आदेश आने बाकी हैं।
इस निर्णय के केंद्र में विभागीय कर्मचारियों की पदोन्नति और राजस्व निरीक्षक संवर्ग की आवश्यकता है। चयन वर्ष 2025-26 के तहत पात्रता परीक्षण पूरा करके 455 लेखपालों को अगले पद के लिए चुना गया है। परिषद ने इससे रिक्त पदों को भरने, राजस्व कार्यों की निगरानी बढ़ाने और विभागीय प्रक्रियाओं को समयबद्ध बनाने का उद्देश्य बताया है। अब तैनाती के आदेश जारी होने के साथ यह निर्णय अगले चरण में पहुंचेगा और पदोन्नत कर्मचारी राजस्व निरीक्षक के रूप में अपनी नई जिम्मेदारियां संभाल सकेंगे।
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