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नांदेड़। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के डिग्रास गांव में पुलिस ने अवैध गांजे की खेती का खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार को एक खेत में छापेमारी कर करीब 10 किलोग्राम गांजा जब्त किया। जब्त गांजे की कीमत लगभग 5 लाख 25 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी श्रीकृष्ण रामराव गट्टे ने पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचने के लिए कपास और अरहर की फसलों के बीच गांजे के पौधे लगा रखे थे। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अवैध खेती का मामला सामने आया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच को डिग्रास गांव में एक खेत में अवैध रूप से गांजे की खेती किए जाने की गोपनीय जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने संबंधित खेत में छापेमारी की। जांच के दौरान कपास और अरहर की फसलों के बीच गांजे के पौधे पाए गए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से गांजा जब्त किया।
गुप्त सूचना के बाद खेत में पहुंची क्राइम ब्रांच
जानकारी के अनुसार, नांदेड़ पुलिस की क्राइम ब्रांच को डिग्रास गांव में गांजे की अवैध खेती किए जाने की सूचना मिली थी। इस जानकारी के आधार पर गुरुवार को पुलिस टीम ने संबंधित खेत में छापा मारा। खेत में पहुंचने के बाद पुलिस को कपास और अरहर की फसलों के बीच गांजे के पौधे मिले।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर अवैध खेती को छिपाने के लिए सामान्य कृषि फसलों के बीच गांजे के पौधे लगाए थे। इसका उद्देश्य पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचना बताया गया है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 10 किलोग्राम गांजा जब्त किया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 5.25 लाख रुपये बताई गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में खेत के कुल क्षेत्रफल और वहां लगाए गए गांजे के पौधों की संख्या का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
कपास और अरहर की फसल के बीच छिपाई थी अवैध खेती
इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आरोपी ने कथित तौर पर गांजे की खेती को छिपाने के लिए कपास और अरहर की फसलों का सहारा लिया। पुलिस के अनुसार, खेत में सामान्य कृषि फसलों के साथ गांजे के पौधे लगाए गए थे।
कपास और अरहर की खेती के बीच प्रतिबंधित पौधे लगाए जाने से खेत में अवैध गतिविधि का पता लगाना मुश्किल हो सकता है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने पुलिस और प्रशासन से बचने के उद्देश्य से इस तरीके का इस्तेमाल किया था।
हालांकि, आरोपी ने कब से गांजे की खेती शुरू की थी और खेत में पहले भी इस तरह की गतिविधि की गई थी या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
10 किलो गांजा जब्त, कीमत 5.25 लाख रुपये
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के दौरान खेत से 10 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार, इसकी अनुमानित कीमत 5 लाख 25 हजार रुपये है। इतनी मात्रा में गांजे की बरामदगी के बाद मामले में अवैध खेती से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
पुलिस की कार्रवाई में सामने आया कि गांजे के पौधे कपास और अरहर की फसलों के बीच लगाए गए थे। इससे स्पष्ट होता है कि संबंधित खेत में सामान्य कृषि गतिविधियों के साथ कथित रूप से प्रतिबंधित फसल भी उगाई जा रही थी।
हालांकि, जब्त गांजे की मात्रा और कीमत के अलावा अन्य सामग्री की बरामदगी के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि पुलिस ने खेत से सभी पौधों को हटाया या आगे की जांच के लिए कुछ नमूने सुरक्षित रखे गए हैं।
श्रीकृष्ण रामराव गट्टे का नाम सामने आया
पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस मामले में श्रीकृष्ण रामराव गट्टे का नाम आरोपी के रूप में सामने आया है। आरोप है कि उसने पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचने के लिए खेत में कपास और अरहर के पौधों के बीच गांजे की खेती की थी।
क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए खेत से गांजा जब्त किया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है। इसके अलावा, आरोपी के खिलाफ दर्ज कानूनी धाराओं और अन्य कार्रवाई का विवरण भी सामने नहीं आया है।
ऐसे में इस मामले में गिरफ्तारी या आगे की कानूनी प्रक्रिया के संबंध में कोई अतिरिक्त दावा करना उचित नहीं होगा। आरोपी की भूमिका और कथित अवैध खेती से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि पुलिस की जांच के आधार पर होगी।
गांजे की खेती पर कानूनी प्रतिबंध
भारत में गांजे से संबंधित अवैध खेती और मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इस कानून में बिना वैधानिक अनुमति के कैनबिस के पौधों की खेती पर प्रतिबंध से संबंधित प्रावधान हैं।
नांदेड़ के डिग्रास गांव में सामने आए मामले में पुलिस ने अवैध खेती की सूचना के आधार पर कार्रवाई की है। जब्त किए गए गांजे की मात्रा और संबंधित खेत में मिले पौधों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
हालांकि, इस विशेष मामले में कौन-कौन सी धाराएं लागू की गई हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
अवैध खेती से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अहम
डिग्रास गांव में गांजे की खेती का मामला सामने आने के बाद अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित खेत में कितने समय से पौधे लगाए जा रहे थे और तैयार गांजे का क्या उपयोग किया जाना था।
इसके अलावा, जब्त गांजे को किसी अन्य स्थान पर भेजने की योजना थी या नहीं, इस संबंध में भी उपलब्ध जानकारी में कोई स्पष्ट विवरण नहीं है। इसलिए इस मामले को किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जोड़ना फिलहाल उचित नहीं होगा।
पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार को क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर खेत में छापा मारा और करीब 10 किलोग्राम गांजा जब्त किया। इसकी अनुमानित कीमत 5.25 लाख रुपये है।
फिलहाल, महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के डिग्रास गांव में हुई इस कार्रवाई से कपास और अरहर की फसलों के बीच कथित तौर पर की जा रही अवैध गांजे की खेती का खुलासा हुआ है। मामले में आरोपी की भूमिका, खेती की अवधि और अन्य संबंधित तथ्यों की स्थिति आगे की जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी।





