उत्तर प्रदेश

पूर्वी चंपारण में 20 लाख के जाली नोट बरामद, युवक गिरफ्तार

Rajeshwari Nishad
30 Oct 2026 10:42 PM IST
पूर्वी चंपारण में 20 लाख के जाली नोट बरामद, युवक गिरफ्तार
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मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने वाहन जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के एक युवक को 19 लाख 98 हजार 500 रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई हरसिद्धि थाना क्षेत्र के अरेराज-मोतिहारी मुख्य मार्ग पर मानिकपुर चौक के पास की गई। गिरफ्तार युवक के बैग से 500 रुपये के नोटों की करीब 40 गड्डियां बरामद हुई हैं। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बड़हलगंज निवासी 35 वर्षीय रोहित कुमार शाही के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, युवक के नकली नोटों के कारोबार से जुड़े गिरोह में शामिल होने की आशंका है। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन में संदिग्ध बातचीत और एक ही सीरियल नंबर वाले नोटों की तस्वीरें मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, बरामद नकदी के नकली होने की पुष्टि नहीं हुई है। इस कार्रवाई के दौरान दो कारों में सवार अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार, 30 अक्टूबर को डायल 112 की पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश नंबर की दो कारों में सवार कुछ लोग मोतिहारी से अरेराज की ओर जा रहे हैं।सूचना में इन लोगों के नकली नोटों के कारोबार से जुड़े होने की आशंका जताई गई थी।इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अरेराज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार मिश्रा के नेतृत्व में कार्रवाई की योजना बनाई गई।हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मानिकपुर चौक के पास वाहनों की जांच शुरू की गई।पुलिस की टीम संदिग्ध वाहनों के आने का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान उत्तर प्रदेश नंबर की फॉर्च्यूनर और टाटा नेक्सन कार वहां पहुंचीं।पुलिस ने दोनों वाहनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन एक कार जांच से बचकर निकल गई।
बैग लेकर भागने लगा युवक, पुलिस ने दबोचा
पुलिस के अनुसार, सबसे पहले फॉर्च्यूनर कार तेज रफ्तार से जांच स्थल से निकल गई।इसके पीछे आ रही टाटा नेक्सन को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया।कार रुकते ही उसमें सवार एक युवक बैग लेकर उतर गया और भागने लगा।उसकी गतिविधि संदिग्ध लगने पर पुलिसकर्मियों ने तत्काल पीछा किया।
कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया गया।
इसी बीच टाटा नेक्सन कार में सवार अन्य लोग वाहन लेकर फरार हो गए।पुलिस ने पकड़े गए युवक से पूछताछ की और उसके बैग की तलाशी ली।तलाशी के दौरान पुलिसकर्मियों को बड़ी मात्रा में नकदी मिली।नोटों की गिनती करने पर कुल 19 लाख 98 हजार 500 रुपये बरामद होने की पुष्टि हुई।
500 रुपये के नोटों की मिलीं 40 गड्डियां
पुलिस को युवक के बैग से 500 रुपये मूल्यवर्ग के नोटों की लगभग 40 गड्डियां मिलीं।इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस ने युवक से रकम के स्रोत के बारे में पूछताछ की।लेकिन पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि रुपये कहां से लाए गए थे और इन्हें किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।इस रकम का उद्देश्य क्या था, यह भी जांच का विषय बना हुआ है।पुलिस बरामद नोटों की प्रामाणिकता और उनके स्रोत की पड़ताल कर रही है।यह स्पष्ट करना जरूरी है कि नकली नोटों के गिरोह से संबंध होने की आशंका और बरामद नोटों का नकली होना अलग-अलग बातें हैं। जांच पूरी होने के बाद ही नकदी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
गोरखपुर का रहने वाला है गिरफ्तार युवक
पूछताछ में गिरफ्तार युवक की पहचान रोहित कुमार शाही के रूप में हुई है।वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के बड़हलगंज कस्बे का निवासी है।उसके पिता का नाम हरेराम शाही बताया गया है।पुलिस के अनुसार, रोहित की उम्र लगभग 35 वर्ष है।अधिकारियों ने उससे बिहार आने के उद्देश्य और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया।पुलिस यह भी पता लगा रही है कि युवक का किन-किन लोगों से संपर्क था और उसके साथ मौजूद अन्य व्यक्तियों की भूमिका क्या थी।जांच में उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच संभावित संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है।
मोबाइल में मिली नकली नोटों से जुड़ी चैट
पुलिस जांच में युवक के मोबाइल फोन से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने का दावा किया गया है।अरेराज के एसडीपीओ पंकज कुमार मिश्रा के अनुसार, मोबाइल में सोनू सिंह नामक व्यक्ति के साथ नकली नोटों से संबंधित बातचीत मिली है।इसके अतिरिक्त मोबाइल के रीसायकल बिन में एक ही सीरियल नंबर वाले पांच नोटों की तस्वीरें मिलने की बात सामने आई है।पुलिस इन तस्वीरों को प्रथम दृष्टया संदिग्ध मान रही है।अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल से मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और नकदी के लेन-देन से जुड़े संपर्कों की जांच की जा रही है।हालांकि, मोबाइल में संदिग्ध चैट मिलने मात्र से किसी व्यक्ति का अपराध सिद्ध नहीं हो जाता।इन जानकारियों की प्रमाणिकता और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका जांच के दौरान निर्धारित होगी।
एक लाख के बदले चार लाख देने का झांसा!
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में नकली नोटों के एक संभावित नेटवर्क की जानकारी सामने आई है।पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य उत्तर प्रदेश के गोरखपुर क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं।आशंका है कि गिरोह के लोग बिहार में असली नोटों के बदले चार गुना नकली नोट देने का लालच देते थे।उदाहरण के तौर पर एक लाख रुपये के बदले चार लाख रुपये के कथित नकली नोट देने की पेशकश किए जाने की जानकारी मिली है।पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरह के लेन-देन में कितने लोग शामिल थे और क्या किसी व्यक्ति को ठगी का शिकार बनाया गया।फिलहाल इस कथित नेटवर्क के आकार और उसके द्वारा किए गए लेन-देन की कुल राशि की पुष्टि नहीं हुई है।
बेतिया में छापेमारी, 10 जिंदा कारतूस बरामद
गिरफ्तार युवक से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मोतिहारी और बेतिया के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की।इस दौरान पश्चिमी चंपारण के बेतिया स्थित बानूछापर थाना क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई।पुलिस के मुताबिक, बेलवा निवासी अशोक मिश्रा के घर की तलाशी ली गई।तलाशी के दौरान वहां से .350 बोर के 10 जिंदा कारतूस बरामद होने की जानकारी सामने आई है।हालांकि, छापेमारी के समय अशोक मिश्रा घर पर नहीं मिला।पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ नकली नोटों के कारोबार से संबंधित लगभग आधा दर्जन मामले पहले से दर्ज बताए गए हैं।कारतूस बरामदगी के मामले में संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।पुलिस अब इस बरामदगी और नकली नोटों के संभावित नेटवर्क के बीच संबंधों की जांच कर रही है।
फरार साथियों की तलाश में छापेमारी
पुलिस की कार्रवाई के दौरान फॉर्च्यूनर और टाटा नेक्सन कार में सवार अन्य संदिग्ध फरार होने में सफल रहे।इन लोगों का पता लगाने के लिए जांच टीम संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।पुलिस दोनों वाहनों के पंजीकरण विवरण और उनके इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर सकती है।गिरफ्तार युवक के मोबाइल संपर्क और पूछताछ से मिली जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।पुलिस के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि नकदी किस उद्देश्य से लाई जा रही थी।इसके अलावा फरार व्यक्तियों की पहचान और उनकी संभावित भूमिका का पता लगाना भी जांच का हिस्सा है।अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।
कई अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई
इस अभियान में अरेराज के एसडीपीओ पंकज कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने भाग लिया।छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक मुनीर आलम, हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार और अपर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार शामिल थे।इसके अलावा पुलिस पदाधिकारी रितुराज जायसवाल, प्रीतम कुमार, ब्रह्मदेव पासवान तथा सशस्त्र बल के जवान भी कार्रवाई में शामिल रहे।पुलिस ने बरामद नकदी और मोबाइल से मिली जानकारियों को जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया है।आगे की पूछताछ और जांच से ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
नकदी कहां से आई, पुलिस कर रही जांच
मोतिहारी में लगभग 20 लाख रुपये की नकदी के साथ युवक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कई पहलुओं से जांच कर रही है।सबसे पहले बरामद रकम के स्रोत और उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि करना आवश्यक है।इसके अलावा पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गिरोह किस तरीके से लोगों के संपर्क में आता था।क्या किसी व्यक्ति से असली नोट लेकर नकली नोट देने की पेशकश की गई थी या मामला किसी दूसरे प्रकार के अवैध लेन-देन से संबंधित है, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
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