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Saharanpur सहारनपुर : भारत सरकार की नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत निर्माणाधीन 135 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता की नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना जनपद में नदी प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि इस परियोजना का निर्माण कार्य 01 नवंबर 2025 से शुरू हुआ है और इसे 30 नवंबर 2027 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है। इस योजना के तहत 135 एमएलडी एसटीपी के निर्माण के साथ कुल 98 नालों का इंटरसेप्शन और डायवर्जन किया जाएगा, जिससे सीवेज का शोधन सुनिश्चित कर धमोला नदी में प्रदूषण को रोका जा सकेगा। धमोला नदी आगे चलकर हिंडन और फिर यमुना नदी में मिलती है।
इस परियोजना में निर्माण के साथ-साथ 15 वर्षों तक संचालन और अनुरक्षण का कार्य भी शामिल है। वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 32 प्रतिशत बताई गई है।निरीक्षण के दौरान उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के परियोजना प्रबंधक मोहित विक्रम सिंह, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि और परियोजना अभियंता मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।





