उत्तर प्रदेश

दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर दिया बल

Gulabi Jagat
5 March 2025 7:52 PM IST
दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर दिया बल
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Kushinagar ,राजापाकड़ , कुशीनगर। सरकार की मंशा व योजना है कि शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों को भी विशेष प्रशिक्षण द्वारा उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाये। अब प्रत्येक परिषदीय विद्यालय पर एक शिक्षक को विशेष प्रशिक्षण देकर सरकार ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की दायित्व सौंपी है।अब शारीरिक रूप से कोई दिव्यांग बच्चा, शिक्षा से वंचित नही होंगे।
बीआरसी तमकुही में चल रहे प्रशिक्षण के दुसरे दिन प्रशिक्षकों ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शारिरिक रूप से दिव्यांग कोई भी बच्चा अपने मौलिक अधिकार से वंचित न रह पाये। क्योंकि अब 6-14 वर्ष के बच्चों का शिक्षा ग्रहण करना उनका मौलिक अधिकार है।इस दौरान बताया गया कि पहले दिव्यांगता का अर्थ केवल हाथ,पैर या आंख तक सीमित था लेकिन सरकार ने अब दिव्यांगता की दायरा बढ़ा दिया है।अब किसी भी शारीरिक अक्षमता को दिव्यांगता के श्रेणी में रखा गया है। इसके लिये केंद्र व प्रदेश सरकार ने एक वृहद कार्य योजना बनाकर कर ऐसे बच्चों के शिक्षा में सहायक उपकरण भी देने की योजना है। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी तमकुही सुधीर कुमार ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक की अब नैतिक कर्तव्य व जिम्मेदारी बनती है कि शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों को, इस प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों को ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करें। प्रशिक्षक जीत बहादुर राय, नागेंद्र प्रताप चौरसिया, रविंद्र कुमार व अंबरीश कुमार ने प्रशिक्षण से संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान पूर्व एबीआरसी अमरनाथ यादव, प्राशिसं मंत्री देवेन्द्र ओझा, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ मंत्री अंजनी सिंह, कृष्ण मुरारी पांडेय, संतोष राय, सुरेंद्र राय, ओम प्रकाश गुप्ता, प्रवीण मिश्र, आमोद उपाध्याय, विद्योतमा वर्मा, सुनीता यादव, रजिमुल्लाह अंसारी, कबीर आलम, वसी अहमद, सज्जाद आलम, बृजमोहन तिवारी, हरिकेश पांडेय, विजय यादव, राहुल यादव, राघवेन्द्र प्रताप शाही, दीपक मद्धेशिया,बबलू जायसवाल, राहुल कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार गोड़, कृष्ण कुमार तिवारी, रामबिलास यादव, रीतु सिंह, संगीता शाह, मनीष विश्वकर्मा, विभय यादव, रामसागर प्रसाद, रामप्यारे प्रसाद आदि उपस्थित रहे।
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