उत्तर प्रदेश

नोएडा एयरपोर्ट पर उम्मीद से आठ गुना कम यात्री

Kavita2
5 Sept 2026 9:41 AM IST
नोएडा एयरपोर्ट पर उम्मीद से आठ गुना कम यात्री
x

नोएडा। उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यात्री सेवाएं शुरू होने के शुरुआती दौर में यात्रियों की संख्या अनुमान के मुकाबले काफी कम दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 15 जून से 31 जुलाई तक एयरपोर्ट से कुल 97,115 यात्रियों ने सफर किया। वहीं अकेले जुलाई महीने में यात्रियों की संख्या 76,593 रही। शुरुआती अनुमान से तुलना की जाए तो यात्रियों की संख्या आठ गुना तक कम बताई जा रही है। ऐसे में देश के महत्वपूर्ण नए एविएशन प्रोजेक्ट में शामिल इस एयरपोर्ट के शुरुआती यात्री ट्रैफिक को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली बड़ी परियोजना के रूप में विकसित किया गया है। एयरपोर्ट से यात्री सेवाएं शुरू होने के बाद उम्मीद थी कि बड़ी संख्या में यात्री यहां से हवाई सफर करेंगे। हालांकि शुरुआती करीब डेढ़ महीने के आंकड़े इन अनुमानों से काफी नीचे दिखाई दे रहे हैं।

15 जून से 31 जुलाई तक 97 हजार से ज्यादा यात्री

आंकड़ों के मुताबिक 15 जून से 31 जुलाई के बीच कुल 97,115 यात्रियों ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया। जुलाई पहला ऐसा पूरा महीना रहा जिसमें यहां नियमित यात्री गतिविधियां दर्ज की गईं। जुलाई में कुल 76,593 यात्रियों ने एयरपोर्ट से यात्रा की।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जून के शेष दिनों के मुकाबले जुलाई में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। हालांकि शुरुआती अनुमान के मुकाबले कुल यात्री संख्या अभी भी काफी कम है। एयरपोर्ट के लिए जिस स्तर के यात्री ट्रैफिक की उम्मीद की गई थी, उसके मुकाबले मौजूदा संख्या आठ गुना तक कम बताई जा रही है।

नए एयरपोर्ट के लिए शुरुआती दौर महत्वपूर्ण

किसी भी नए एयरपोर्ट के लिए परिचालन के शुरुआती महीने बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसी दौरान एयरलाइंस अपने नेटवर्क और यात्रियों की मांग का आकलन करती हैं। यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर नई उड़ानें जोड़ने, मौजूदा उड़ानों की संख्या बढ़ाने या अलग-अलग शहरों के लिए नए रूट शुरू करने जैसे फैसले लिए जाते हैं।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मामले में भी आने वाले महीनों के यात्री आंकड़े महत्वपूर्ण होंगे। यदि यहां से उड़ानों और गंतव्यों की संख्या बढ़ती है तो यात्री ट्रैफिक में भी बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल शुरुआती आंकड़े अनुमान के मुकाबले कमजोर दिखाई दे रहे हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट से भी मुकाबला

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। दिल्ली एयरपोर्ट पहले से ही देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल है और यहां से घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में उड़ानें संचालित होती हैं।

दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों के पास पहले से स्थापित एयरपोर्ट का विकल्प होने के कारण नए एयरपोर्ट को अपना मजबूत यात्री आधार तैयार करने में समय लग सकता है। खासतौर पर यात्रियों के लिए एयरपोर्ट तक पहुंचने की सुविधा, उड़ानों के विकल्प, किराया और समय जैसी चीजें यह तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं कि वे किस एयरपोर्ट से यात्रा करना पसंद करेंगे।

कनेक्टिविटी भी बनेगी अहम फैक्टर

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सफलता के लिए सड़क और सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंचने की सुविधा जितनी बेहतर होगी, यात्रियों के लिए इसका इस्तेमाल उतना ही सुविधाजनक होगा।

यात्रियों की संख्या बढ़ाने में एयरलाइंस की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। अधिक शहरों के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध होने पर एयरपोर्ट का उपयोग करने वाले यात्रियों का दायरा बढ़ सकता है। इसके अलावा प्रतिस्पर्धी किराया भी यात्रियों को जेवर एयरपोर्ट की ओर आकर्षित कर सकता है।

जुलाई में दिखी यात्री संख्या में तेजी

हालांकि शुरुआती अनुमान के मुकाबले यात्रियों की संख्या कम है, लेकिन जुलाई के आंकड़ों में एक सकारात्मक संकेत भी दिखाई देता है। 15 जून से 31 जुलाई तक कुल 97,115 यात्रियों में से 76,593 यात्रियों ने अकेले जुलाई में यात्रा की। इससे पता चलता है कि एयरपोर्ट पर यात्री गतिविधियां धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही हैं।

आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह बढ़ोतरी जारी रहती है या नहीं। त्योहारी सीजन, छुट्टियों और एयरलाइंस द्वारा नए रूट शुरू किए जाने से यात्री संख्या में बदलाव देखने को मिल सकता है।

बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित करने की योजना

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लंबे समय में बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके जरिए दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते हवाई यातायात के दबाव को कम करने और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

एयरपोर्ट के आसपास लॉजिस्टिक्स, कार्गो, होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की भी संभावनाएं हैं। ऐसे में केवल शुरुआती यात्री संख्या ही नहीं बल्कि लंबी अवधि में एयरपोर्ट पर विकसित होने वाली सुविधाएं और उड़ानों का नेटवर्क भी इसकी सफलता निर्धारित करेगा।

फिलहाल 15 जून से 31 जुलाई तक 97,115 यात्रियों और जुलाई में 76,593 यात्रियों का आंकड़ा बताता है कि एयरपोर्ट को अनुमानित यात्री ट्रैफिक तक पहुंचने के लिए अभी लंबा सफर तय करना है। आने वाले महीनों में उड़ानों की संख्या, नए रूट और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ यात्री संख्या कितनी तेजी से बढ़ती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

Next Story