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उत्तर प्रदेश
ट्रांसपोर्ट नगर में नशीली दवाओं का खेल उजागर फार्मा कंपनी सील जांच तेज
Ratna Netam
4 Sept 2026 9:27 PM IST

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसियों ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जहां प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की सप्लाई की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद की गई हैं, जिसमें करीब **9.60 लाख अल्प्राजोलम टैबलेट** और कुल **228 किलो दवाएं** शामिल हैं।
इस कार्रवाई के बाद दवा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि नशीली दवाओं के अवैध इस्तेमाल और तस्करी को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
अल्प्राजोलम समेत भारी मात्रा में दवाएं बरामद
जांच के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में ऐसी दवाएं मिलीं, जिनका इस्तेमाल नशे के लिए भी किया जा सकता है। बरामद दवाओं में अल्प्राजोलम की हजारों नहीं बल्कि लाखों गोलियां शामिल हैं।
अल्प्राजोलम एक ऐसी दवा है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चिंता, घबराहट और नींद संबंधी समस्याओं के इलाज में डॉक्टरों की सलाह पर किया जाता है। लेकिन बिना चिकित्सकीय सलाह के इसका सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
अवैध सप्लाई नेटवर्क पर शिकंजा
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और सप्लाई करने वाले नेटवर्क के खिलाफ की गई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां से लाई गईं और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
युवाओं को निशाना बनाने का आरोप
नशीली दवाओं का अवैध कारोबार करने वाले गिरोह अक्सर युवाओं को अपना निशाना बनाते हैं। ऐसी दवाओं का गलत इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
प्रशासन का कहना है कि नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए मेडिकल स्टोर, सप्लायर और अन्य संबंधित लोगों की जांच की जा रही है।
मेडिकल स्टोर और सप्लायरों पर नजर
नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने नियम तय किए हैं। कई दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के बेचना प्रतिबंधित है।
अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों और सप्लायरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच में जुटीं कई टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। बरामद दवाओं के स्रोत, खरीद-बिक्री के दस्तावेज और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि यह कारोबार कितने समय से चल रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
नशीली दवाओं के खिलाफ लगातार अभियान
उत्तर प्रदेश में नशीली दवाओं की तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस, एसटीएफ और अन्य विभाग मिलकर ऐसे गिरोहों पर शिकंजा कस रहे हैं।
हाल के समय में कई जिलों में नशीली दवाओं की खेप पकड़ी गई है, जिससे साफ है कि अवैध नेटवर्क को खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक, अल्प्राजोलम जैसी दवाओं का गलत इस्तेमाल शरीर और दिमाग पर गंभीर असर डाल सकता है। लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन करने से इसकी आदत लग सकती है।
नशीली दवाओं के सेवन से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
अधिकारियों ने कहा है कि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें।
आगे की जांच जारी
फिलहाल जांच एजेंसियां बरामद दवाओं और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे नेटवर्क की असली तस्वीर सामने आएगी।
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