उत्तर प्रदेश

UP चुनाव से पहले AIMIM को झटका आसिम वकार के जाने पर पार्टी ने खोला मोर्चा

Ratna Netam
4 Sept 2026 9:02 PM IST
UP चुनाव से पहले AIMIM को झटका आसिम वकार के जाने पर पार्टी ने खोला मोर्चा
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उत्तर प्रदेश : राजनीति में AIMIM नेता **आसिम वकार के कांग्रेस में शामिल होने** के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। वकार के पार्टी छोड़ने और कांग्रेस का हाथ थामने के बाद अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने उन पर निशाना साधा है। पार्टी की ओर से कहा गया कि संगठन केवल टीवी डिबेट और बयानबाजी से नहीं बनता, बल्कि जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं से मजबूत होता है।
आसिम वकार AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे हैं और टीवी डिबेट में पार्टी का पक्ष रखने के कारण उनकी एक अलग पहचान बनी थी। यूपी चुनाव से पहले उनका कांग्रेस में जाना AIMIM के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
आसिम वकार ने क्यों छोड़ी AIMIM?
आसिम वकार ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद AIMIM नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का राजनीतिक रुख विपक्षी दलों को कमजोर करने वाला रहा है और वह बीजेपी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के बजाय विपक्षी दलों से टकराव में ज्यादा ऊर्जा लगाती है।
वकार ने कहा कि देश की राजनीति में विपक्षी एकता जरूरी है और वह अब कांग्रेस के साथ मिलकर लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई लड़ना चाहते हैं।
AIMIM ने साधा निशाना
वकार के कांग्रेस में जाने के बाद AIMIM नेताओं ने उन पर हमला बोला। पार्टी की ओर से कहा गया कि किसी भी संगठन की ताकत केवल टीवी पर दिखाई देने वाले चेहरों से नहीं होती।
AIMIM का कहना है कि पार्टी बनाने और मजबूत करने के लिए बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं, स्थानीय मुद्दों और जनता के बीच लगातार मौजूद रहने की जरूरत होती है।
टीवी डिबेट से नहीं बनती पार्टी
AIMIM की ओर से किए गए हमले का मुख्य निशाना आसिम वकार की मीडिया में सक्रिय भूमिका रही। पार्टी नेताओं ने इशारों में कहा कि टीवी चैनलों पर बहस करने से राजनीतिक जमीन तैयार नहीं होती।
उनका कहना है कि चुनावी राजनीति में असली ताकत संगठन, कार्यकर्ता नेटवर्क और जनता के बीच पकड़ से आती है।
यूपी चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं। मुस्लिम वोट बैंक को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और AIMIM के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पहले से मौजूद है।
आसिम वकार के कांग्रेस में जाने को इसी सियासी समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। AIMIM जहां यूपी में अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस विपक्षी वोटों को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
AIMIM के लिए बड़ा झटका?
आसिम वकार लंबे समय तक AIMIM का चेहरा रहे हैं। टीवी बहसों और राजनीतिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी ने उन्हें पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल कर दिया था।
ऐसे समय में जब AIMIM यूपी में विस्तार की कोशिश कर रही है, एक प्रमुख नेता का पार्टी छोड़ना संगठन के लिए चुनौती माना जा रहा है।
कांग्रेस को कितना फायदा?
कांग्रेस के लिए आसिम वकार की एंट्री मुस्लिम समुदाय के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। पार्टी यूपी में अपने संगठन को मजबूत करने और विपक्षी वोटों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है।
हालांकि चुनावी सफलता केवल बड़े चेहरों से नहीं बल्कि बूथ स्तर के संगठन और स्थानीय मुद्दों पर निर्भर करती है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
आसिम वकार के जाने के बाद AIMIM और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। जहां वकार ने AIMIM की रणनीति पर सवाल उठाए हैं, वहीं AIMIM ने उनके फैसले और राजनीतिक भूमिका पर हमला किया है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा यूपी की राजनीति में और ज्यादा चर्चा का विषय बन सकता है।
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