- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- हादसे के बाद शरीर में...
उत्तर प्रदेश
हादसे के बाद शरीर में रह गया था ड्रिल बिट डॉक्टरों की मेहनत से बची जान
Ratna Netam
8 Sept 2026 6:20 PM IST

x
नई दिल्ली। मेडिकल जगत में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मरीज के सीने में 11 साल से फंसा धातु का टुकड़ा आखिरकार डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी के बाद निकाल दिया। बताया जा रहा है कि यह ड्रिल बिट हादसे के दौरान मरीज के शरीर में घुस गया था और इतने लंबे समय तक उसके सीने के अंदर मौजूद रहा। डॉक्टरों की सफल कोशिश के बाद अब मरीज को बड़ी राहत मिली है।
यह मामला चिकित्सा क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि शरीर के बेहद संवेदनशील हिस्से में इतने लंबे समय तक किसी बाहरी वस्तु का मौजूद रहना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता था। डॉक्टरों ने आधुनिक तकनीक और सावधानीपूर्वक योजना के जरिए इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
हादसे के बाद सीने में रह गया था ड्रिल बिट
जानकारी के अनुसार, करीब 11 साल पहले मरीज एक दुर्घटना का शिकार हुआ था। हादसे के दौरान ड्रिल मशीन का एक हिस्सा टूटकर उसके सीने में जा घुसा था। उस समय किसी कारणवश यह धातु का टुकड़ा पूरी तरह नहीं निकाला जा सका या जांच में इसकी जानकारी सामने नहीं आ पाई।
समय बीतने के साथ मरीज सामान्य जीवन जीता रहा, लेकिन उसके शरीर के अंदर मौजूद यह विदेशी वस्तु धीरे-धीरे परेशानी का कारण बनने लगी। डॉक्टरों ने जांच के दौरान पाया कि सीने के अंदर एक धातु का टुकड़ा मौजूद है।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
मरीज की जांच के दौरान एक्स-रे और अन्य इमेजिंग तकनीकों की मदद से पता चला कि उसके सीने में ड्रिल बिट फंसा हुआ है। यह डॉक्टरों के लिए भी चुनौतीपूर्ण स्थिति थी, क्योंकि सीने के अंदर मौजूद यह वस्तु फेफड़े, हृदय और अन्य महत्वपूर्ण अंगों के बेहद करीब थी।
डॉक्टरों ने बताया कि इस तरह के मामलों में थोड़ी सी लापरवाही भी मरीज के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए ऑपरेशन से पहले पूरी रणनीति तैयार की गई और हर संभावित खतरे को ध्यान में रखा गया।
कई घंटे चली जटिल सर्जरी
मरीज का ऑपरेशन विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने किया। सर्जरी के दौरान बेहद सावधानी बरतते हुए ड्रिल बिट को शरीर से बाहर निकाला गया। डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि धातु के टुकड़े को निकालते समय आसपास के अंगों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
सर्जरी सफल होने के बाद डॉक्टरों ने राहत की सांस ली। मरीज की हालत अब स्थिर बताई जा रही है और उसकी सेहत में सुधार हो रहा है।
डॉक्टरों ने बताया दुर्लभ मामला
चिकित्सकों के अनुसार, किसी बाहरी वस्तु का शरीर के अंदर इतने लंबे समय तक रहना बेहद दुर्लभ मामला होता है। कई बार ऐसे मामलों में संक्रमण, अंदरूनी चोट या अन्य गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।
डॉक्टरों ने कहा कि समय पर जांच और सही इलाज मिलने से मरीज को बड़ी परेशानी से बचाया जा सका। उन्होंने यह भी बताया कि शरीर में किसी भी तरह की असामान्य समस्या महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
मरीज को मिली नई जिंदगी
11 साल तक सीने में ड्रिल बिट लेकर जी रहे मरीज के लिए यह ऑपरेशन किसी नई जिंदगी से कम नहीं है। लंबे समय से शरीर में मौजूद इस धातु के टुकड़े के निकलने के बाद मरीज और उसके परिवार ने डॉक्टरों का धन्यवाद किया।
परिजनों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतने साल पुरानी समस्या का समाधान इस तरह हो पाएगा। डॉक्टरों की मेहनत और आधुनिक चिकित्सा तकनीक की वजह से यह संभव हो सका।
ऐसे मामलों में सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि दुर्घटनाओं के बाद शरीर में किसी भी तरह की अंदरूनी चोट या बाहरी वस्तु के फंसने की संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार छोटी दिखने वाली चोट भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है।
अगर किसी हादसे के बाद लगातार दर्द, परेशानी या कोई असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि चिकित्सा विज्ञान में लगातार हो रही प्रगति की मदद से बेहद जटिल परिस्थितियों में भी मरीजों को बचाया जा सकता है। डॉक्टरों की टीम ने सावधानी और विशेषज्ञता के साथ 11 साल पुरानी समस्या का समाधान कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
Next Story





