उत्तर प्रदेश

डॉक्टर आत्महत्या मामला: तीन गिरफ्तार, अस्पतालों की मान्यता पर कार्रवाई

Saba Naaz
18 July 2026 6:59 PM IST
डॉक्टर आत्महत्या मामला: तीन गिरफ्तार, अस्पतालों की मान्यता पर कार्रवाई
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औरैया: अस्पताल प्रबंधन की कथित प्रताड़ना से परेशान होकर यमुना नदी में कूदकर आत्महत्या करने वाले सहायक चिकित्सक डॉ. सौरभ बाजपेयी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में अब तक अस्पताल संचालक समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं प्रशासन ने रामऔतार मेमोरियल अस्पताल के पुराने और नए दोनों परिसरों को सील कर दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

जानकारी के अनुसार, लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के शेखापुर गांव निवासी डॉ. सौरभ बाजपेयी औरैया के तिलकनगर स्थित रामऔतार मेमोरियल अस्पताल में सहायक चिकित्सक के पद पर कार्यरत थे। वह पिछले करीब तीन वर्षों से अस्पताल में सेवाएं दे रहे थे। आरोप है कि वेतन समय पर नहीं मिलने और रहने की उचित व्यवस्था नहीं होने को लेकर उनका अस्पताल प्रबंधन से अक्सर विवाद होता रहता था।

बताया जा रहा है कि 15 जुलाई को डॉ. सौरभ ने अपनी परेशानी को लेकर चार वीडियो बनाए थे। इनमें से तीन वीडियो उन्होंने फेसबुक लाइव के माध्यम से बनाए, जबकि एक वीडियो यमुना नदी के शेरगढ़ घाट पर पहुंचने के बाद रिकॉर्ड किया था। इसके बाद उन्होंने यमुना नदी में छलांग लगा दी। अगले दिन 16 जुलाई की सुबह उनका शव बरामद किया गया था।

आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में डॉ. सौरभ ने अस्पताल संचालक और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था और उनकी बात रखने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। उन्होंने अस्पताल संचालक के बहनोई सर्वेश सिंह, वार्ड ब्वाय मोहन और कुछ अन्य लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया था।

डॉ. सौरभ की पत्नी ने भी आरोप लगाया था कि अस्पताल में काम करने को लेकर उनके पति का कुछ लोगों से विवाद रहता था। उन्होंने बताया कि सर्वेश सिंह अस्पताल में वाहन चालक का काम करता था और वह चाहता था कि डॉ. सौरभ उसे जीजा कहकर संबोधित करें। इसी बात को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव रहता था।

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पहले अस्पताल संचालक डॉ. एसपी सिंह उर्फ शशिप्रताप और वार्ड ब्वाय मोहन को गिरफ्तार किया था। इसके बाद शनिवार शाम अस्पताल संचालक के बहनोई सर्वेश सिंह को भी मिहौली गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपित ने घटना से जुड़े कई तथ्यों की जानकारी दी है। उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।

पुलिस अब नामजद अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है। डॉ. सौरभ ने अपने वीडियो में अस्पताल से जुड़े कई लोगों पर आरोप लगाए थे। उनके परिवार ने भी पुलिस को दी शिकायत में कई लोगों के शामिल होने की बात कही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की है। डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश सचान के अनुसार, रामऔतार मेमोरियल अस्पताल के पुराने और नए दोनों भवनों को सील कर दिया गया है। जांच में सामने आया कि अस्पताल के नए भवन के दस्तावेज पूरे नहीं थे और उसका लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं था। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की।

अधिकारियों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों की भी जांच की है। कार्रवाई करने वाली टीम में मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह भी शामिल रहे। उन्होंने अस्पताल में फायर सेफ्टी से जुड़े इंतजामों का निरीक्षण किया।

इस मामले में डॉ. सौरभ के पिता नंद किशोर की तहरीर पर सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो, परिवार के आरोप और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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