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चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज, आरोपी और करीबियों के लेनदेन पर पुलिस की नजर

Ayodhya अयोध्या : श्री राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी के मामले की जांच कर रही पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों और उनके परिजनों व करीबियों से जुड़े 53 परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) की जानकारी आयकर विभाग से मांगी गई है। पुलिस अब इन पैन कार्डों के माध्यम से पिछले दो वर्षों में हुए वित्तीय लेनदेन, खरीद-फरोख्त, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों की जांच करेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस वित्तीय जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि चोरी की गई रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। जांच एजेंसी आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के बैंक खातों, संपत्तियों, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस को आशंका है कि चोरी की रकम से जुड़े कई अहम सुराग वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद सामने आ सकते हैं।
जांच के दायरे में आठ गिरफ्तार आरोपियों के अलावा उनके संपर्क में रहने वाले करीब 45 संदिग्ध लोग भी शामिल हैं। पुलिस इन सभी लोगों के आर्थिक संबंधों और लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि केवल आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच पूरी नहीं होगी, इसलिए वित्तीय रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने आयकर विभाग से अनुरोध किया है कि संबंधित पैन नंबरों से जुड़े पिछले दो वर्षों के रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाएं। इनमें बड़े लेनदेन, संपत्ति खरीद, निवेश, बैंकिंग गतिविधियों और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जानकारी शामिल होगी। इसके आधार पर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपियों ने किसी अवैध तरीके से धन अर्जित किया या चोरी की रकम को किसी अन्य माध्यम से छिपाने का प्रयास किया।
श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस पहले ही कई स्तरों पर जांच कर रही है। घटनाक्रम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य, आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस का मानना है कि वित्तीय जांच से मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, मंदिर की सुरक्षा और चढ़ावे की व्यवस्था से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस हर संभावित पहलू की जांच कर रही है, ताकि चोरी की पूरी साजिश और उससे जुड़े लोगों का खुलासा किया जा सके।
पुलिस अब आरोपियों के आर्थिक नेटवर्क को समझने में जुटी है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां सामने आती हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
श्री राम मंदिर जैसे धार्मिक स्थल से जुड़े इस मामले में पुलिस की कोशिश है कि जांच को मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और पूछताछ से मिलने वाली जानकारियों को जोड़कर पुलिस मामले की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में आयकर विभाग से मिलने वाली जानकारी जांच की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।





