उत्तर प्रदेश

फॉर्च्यूनर की मांग के लिए पत्नी को बनाया ब्लैकमेल का शिकार, डॉक्टर पति पर केस

Ratna Netam
5 Aug 2026 9:11 PM IST
फॉर्च्यूनर की मांग के लिए पत्नी को बनाया ब्लैकमेल का शिकार, डॉक्टर पति पर केस
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गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक महिला डॉक्टर द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पीड़िता ने अपने एनेस्थेसियोलॉजिस्ट पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग, दूसरी शादी, हत्या के प्रयास और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित महिला स्वयं एक डॉक्टर हैं और शाहपुर क्षेत्र की निवासी हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी शादी 29 नवंबर 2019 को छत्तीसगढ़ निवासी एक एनेस्थेसियोलॉजिस्ट डॉक्टर से हुई थी। विवाह के समय उनके पिता ने लगभग 50 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से लगातार दहेज की मांग की जाती रही। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति और उसके परिवार ने फॉर्च्यूनर कार की मांग शुरू कर दी और इस मांग को पूरा न करने पर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
महिला डॉक्टर ने अपनी शिकायत में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका पति कई बार कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश कर देता था। बेहोशी की हालत में उनके अश्लील फोटो और वीडियो बनाए गए। बाद में इन्हीं वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उन्हें लगातार ब्लैकमेल किया गया। पीड़िता का कहना है कि परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा बचाने और बदनामी के डर से उनके माता-पिता ने 28 मार्च 2022 को ससुराल पक्ष को फॉर्च्यूनर कार खरीदने के नाम पर 32 लाख 50 हजार रुपये दिए। इसके बावजूद प्रताड़ना का सिलसिला बंद नहीं हुआ।
शिकायत के अनुसार 14 अप्रैल 2022 को महिला ने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन मां बनने के बाद भी उनके साथ व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। महिला का कहना है कि उन्होंने परिवार बचाने की कोशिश में लंबे समय तक सब कुछ सहन किया, लेकिन स्थिति तब और गंभीर हो गई जब उन्हें पता चला कि उनके पति ने बिना तलाक दिए एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत एक अन्य महिला डॉक्टर से दूसरी शादी कर ली है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस संबंध में विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई। इसके बाद उन्होंने कानून का सहारा लेने का फैसला किया और शाहपुर थाने में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में पति के साथ-साथ सास, ससुर और ननद को भी आरोपी बनाया गया है। महिला का कहना है कि पूरे परिवार ने मिलकर उन्हें प्रताड़ित किया और दहेज की मांग को लेकर लगातार दबाव बनाया।
इस घटना के सामने आने के बाद गोरखपुर में लोगों के बीच इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक शिक्षित और आत्मनिर्भर महिला डॉक्टर भी इस तरह की प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग का शिकार हो सकती है, तो समाज के अन्य वर्गों की महिलाओं की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। लोगों ने ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि पीड़ित महिलाओं को न्याय मिल सके और दोषियों के खिलाफ सख्त संदेश जाए।
मामले पर शाहपुर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि महिला डॉक्टर की तहरीर के आधार पर पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें दहेज उत्पीड़न, हत्या के प्रयास, बिना तलाक दूसरी शादी सहित अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस सभी आरोपों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा। जांच में जो भी तथ्य और प्रमाण सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच में जुटी हुई है।
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