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उत्तर प्रदेश
शराब को लेकर विवाद, पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट
Rajeshwari Nishad
26 Oct 2026 9:35 PM IST

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फाफामऊ थाना क्षेत्र से एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब पीने का विरोध करने पर तारा देवी नामक महिला की गला दबाकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। शिकायत के आधार पर फाफामऊ पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में महिला के पति और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत रमेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शराब पीने के विरोध को लेकर हत्या का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, तारा देवी की मौत के मामले में उनके मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि शराब पीने का विरोध करने के कारण तारा देवी की गला दबाकर हत्या की गई।इस घटना ने परिवार के भीतर कथित विवाद और महिला की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।हालांकि, घटना के समय क्या परिस्थितियां थीं, विवाद कब शुरू हुआ और उस दौरान घर में कौन-कौन मौजूद था, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक कारण तथा घटना के क्रम को स्पष्ट किया जा सकेगा।
मायके पक्ष की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ केस
तारा देवी की मौत के बाद उनके मायके पक्ष ने फाफामऊ पुलिस से शिकायत की। परिजनों ने महिला की मौत को हत्या बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।शिकायत के आधार पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि मृतका के परिजनों ने इसे सामान्य मौत या दुर्घटना मानने के बजाय कथित हत्या का मामला बताया है।पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है।मुकदमे में नामजद अन्य पांच लोगों की पहचान और उनकी कथित भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
LIC में विकास अधिकारी पति रमेश गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने तारा देवी के पति रमेश को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, रमेश भारतीय जीवन बीमा निगम में विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
हालांकि, गिरफ्तारी का अर्थ किसी व्यक्ति का दोषी साबित होना नहीं है। आरोपों की सत्यता जांच, साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निर्धारित होगी।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था और क्या शराब पीने के विरोध को लेकर पहले भी कोई तनाव था।फिलहाल इस संबंध में किसी पुराने विवाद या पूर्व शिकायत की पुष्टि नहीं हुई है।
गला दबाकर हत्या किए जाने का आरोप
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि तारा देवी की गला दबाकर हत्या की गई।ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।पोस्टमार्टम से मौत के कारण, शरीर पर संभावित चोटों और अन्य जरूरी तथ्यों की जानकारी मिल सकती है।इसके अतिरिक्त घटनास्थल से मिले साक्ष्य, संबंधित व्यक्तियों के बयान और अन्य परिस्थितियां भी जांच में अहम हो सकती हैं।हालांकि, इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों की आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।इसलिए गला दबाने से मौत होने की बात फिलहाल परिजनों के आरोप के रूप में ही सामने आई है।
घरेलू विवाद की जांच भी महत्वपूर्ण
तारा देवी की मौत के मामले में शराब पीने का विरोध कथित विवाद की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।कई बार परिवारों में शराब के सेवन को लेकर मतभेद होते हैं, लेकिन किसी भी परिस्थिति में हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।यदि जांच में यह साबित होता है कि महिला के साथ हिंसा हुई थी, तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।यह भी जरूरी है कि जांच के दौरान मृतका के परिजनों की शिकायत के साथ सभी संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को निष्पक्ष तरीके से परखा जाए।घटना से जुड़ी पूरी परिस्थितियां स्पष्ट होने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही।
पुलिस जांच में किन पहलुओं पर रहेगा ध्यान?
इस मामले में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं।सबसे पहले यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि तारा देवी की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई।दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि शराब पीने के विरोध को लेकर कथित विवाद के संबंध में क्या साक्ष्य उपलब्ध हैं।
इसके अलावा, मुकदमे में नामजद छह लोगों में से प्रत्येक की भूमिका की अलग-अलग जांच करना भी आवश्यक होगा।घटना से पहले और बाद की परिस्थितियां, परिवार के सदस्यों के बयान तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।फिलहाल पुलिस ने पति रमेश को गिरफ्तार किया है। अन्य नामजद लोगों के संबंध में कार्रवाई की स्थिति की विस्तृत पुष्टि नहीं हुई है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
तारा देवी की मौत के मामले ने घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।घर के भीतर होने वाली हिंसा कई बार लंबे समय तक सामने नहीं आ पाती। सामाजिक दबाव, आर्थिक निर्भरता और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण पीड़ित महिलाओं को शिकायत करने में कठिनाई हो सकती है।
ऐसी स्थिति में परिवार, पड़ोस और संबंधित संस्थाओं की संवेदनशील भूमिका महत्वपूर्ण होती है।कानून के तहत घरेलू हिंसा का सामना कर रही महिलाओं के लिए संरक्षण और कानूनी सहायता के प्रावधान मौजूद हैं।महिलाएं आवश्यकता पड़ने पर पुलिस, महिला हेल्पलाइन या संबंधित सहायता संस्थाओं से संपर्क कर सकती हैं।हालांकि, तारा देवी के मामले में पूर्व घरेलू हिंसा की शिकायत होने की कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग
तारा देवी की मौत के बाद मायके पक्ष की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना और पति रमेश की गिरफ्तारी मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं।अब पुलिस जांच के दौरान यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि महिला की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य मौजूद हैं।
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