उत्तर प्रदेश

राहुल गांधी पर डिप्टी CM केशव मौर्य का तीखा हमला, दिल्ली आंदोलन को बताया फ्लॉप शो

Kavita2
19 Oct 2026 5:42 PM IST
राहुल गांधी पर डिप्टी CM केशव मौर्य का तीखा हमला, दिल्ली आंदोलन को बताया फ्लॉप शो
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने दिल्ली के आंदोलन को फ्लॉप शो करार देते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी शक्तियों के इशारे पर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। मौर्य ने दावा किया कि युवाओं को भड़काकर बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल जैसी परिस्थितियां पैदा करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

उप मुख्यमंत्री सोमवार को जिले में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इस दौरान डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। मौर्य ने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत है और किसी भी तरह की अराजक गतिविधि से सत्ता परिवर्तन का सपना पूरा नहीं होने वाला है।

राहुल गांधी पर विदेशी शक्तियों के इशारे पर काम करने का आरोप

पत्रकारों से बातचीत के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियों और दिल्ली में चल रहे आंदोलन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष युवाओं की भावनाओं को भड़काकर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

मौर्य के अनुसार, युवाओं को आंदोलन के नाम पर उकसाया जा रहा है और उन्हें ऐसी गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास हो रहा है, जिससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने कहा कि भारत में सरकारें लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया से बनती हैं। किसी आंदोलन के जरिए दूसरे देशों जैसी परिस्थितियां पैदा करने की सोच सफल नहीं होगी।

हालांकि, राहुल गांधी या आंदोलन में शामिल संगठनों के विदेशी शक्तियों के निर्देश पर काम करने का आरोप अभी स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है।

दिल्ली के आंदोलन को बताया फ्लॉप शो

उप मुख्यमंत्री ने दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन को फ्लॉप शो बताया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के माध्यम से राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इससे विपक्ष को कोई लाभ नहीं मिलेगा।

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन को फ्लॉप शो बताया था। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर आंदोलन के जरिए अराजकता फैलाने का आरोप लगाया था।

दिल्ली में हाल के दिनों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए हैं।

इन प्रदर्शनों में युवाओं, छात्र संगठनों और विपक्षी दलों की भागीदारी सामने आई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल का किया जिक्र

केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में भी युवाओं के माध्यम से उसी तरह सत्ता परिवर्तन का सपना देखा जा रहा है।

मौर्य ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी।

इससे पहले केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष पर इसी तरह के आरोप लगाए थे। उन्होंने 16 अक्टूबर को कहा था कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल बांग्लादेश जैसे राजनीतिक बदलाव से प्रेरित होकर आंदोलन कर रहे हैं।

हालांकि, विपक्ष का कहना है कि उसके प्रदर्शन चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित हैं।

राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे : मौर्य

उप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी कभी देश के प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे।

मौर्य ने कहा कि विपक्ष जिस तरह की राजनीति कर रहा है, उससे उसे जनता का समर्थन नहीं मिलेगा।

उन्होंने राहुल गांधी की आंदोलन संबंधी रणनीति की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक सफलता के लिए जनता का विश्वास हासिल करना आवश्यक है।

हालांकि, राहुल गांधी के भविष्य को लेकर मौर्य का बयान उनका राजनीतिक आकलन है। प्रधानमंत्री पद का निर्णय भविष्य के लोकसभा चुनावों के परिणाम और संसदीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना

केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी का समर्थन करने के कारण अखिलेश यादव दोबारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे।

उप मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के राजनीतिक सहयोग की आलोचना करते हुए दोनों नेताओं की रणनीति पर सवाल उठाए।

उनका यह बयान उत्तर प्रदेश की आगामी विधानसभा राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं।

मौर्य का दावा राजनीतिक टिप्पणी है। चुनाव में किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी और अगली सरकार किसकी बनेगी, इसका फैसला मतदाता करेंगे।

प्रबुद्ध सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे डिप्टी सीएम

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सोमवार को प्रबुद्ध सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जिले के दौरे पर पहुंचे थे।

इस दौरान उन्होंने डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत की और प्रदेश तथा देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाए तथा दिल्ली में चल रहे आंदोलन के उद्देश्य पर सवाल उठाए।

दिल्ली आंदोलन को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

भाजपा नेताओं का आरोप है कि विपक्ष विरोध प्रदर्शनों के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करना चाहता है। वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, चुनाव आयोग की जवाबदेही और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता जैसे मुद्दे उठा रहे हैं।

राहुल गांधी ने हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शनों को जनता की आवाज बताते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।

अब उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान से उत्तर प्रदेश में भी सियासी बहस तेज होने की संभावना है। उनके आरोपों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

फिलहाल दिल्ली के आंदोलन को लेकर राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं। एक ओर भाजपा के नेता इसकी आलोचना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी जवाबदेही से जुड़ा आंदोलन बता रहा है।

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