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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपने को पूरा करने के लिए महंगी कोचिंग की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग ने दक्षणा फाउंडेशन के सहयोग से कक्षा 12वीं के विज्ञान वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को जेईई (JEE) और नीट (NEET) जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक वर्ष की पूरी तरह निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी, बल्कि उनके रहने और खाने की व्यवस्था भी मुफ्त होगी। इसके लिए विद्यार्थियों को महाराष्ट्र के पुणे के निकट स्थित दक्षणा वैली परिसर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार की इस पहल से उन परिवारों के बच्चों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनके पास प्रतिभा और मेहनत करने का जज्बा तो है, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण वे महंगे कोचिंग संस्थानों में प्रवेश नहीं ले पाते।
संयुक्त दक्षणा चयन परीक्षा से होगा विद्यार्थियों का चयन
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र विद्यार्थियों को संयुक्त दक्षणा चयन परीक्षा यानी जेडीएसटी-2027 (JDST-2027) की चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह परीक्षा दक्षणा फाउंडेशन की ओर से आयोजित की जाती है।
इसमें शैक्षिक सत्र 2026-27 के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में कक्षा 12वीं के विज्ञान वर्ग में अध्ययनरत विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यता के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को भी महत्व दिया जाएगा।
चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक वर्ष तक जेईई या नीट की तैयारी का अवसर मिलेगा। इस दौरान विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, विषयों की गहन तैयारी और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
कक्षा 10वीं के अंकों के आधार पर तय होगी पात्रता
इस विशेष योजना में विद्यार्थियों की पात्रता निर्धारित करने के लिए कक्षा 10वीं में गणित और विज्ञान विषयों में प्राप्त अंकों को आधार बनाया गया है। इंजीनियरिंग वर्ग में सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए गणित और विज्ञान में कम से कम 85 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं, जबकि सामान्य श्रेणी की छात्राओं के लिए यह सीमा 80 प्रतिशत है।
मेडिकल वर्ग में सामान्य श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 80 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह सीमा 75 प्रतिशत रखी गई है। वहीं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 65 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त पारिवारिक आय भी चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। निर्धारित मानकों के अनुसार छात्रों के परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम और छात्राओं के परिवार की वार्षिक आय पांच लाख रुपये से कम होनी चाहिए। अन्य श्रेणियों के लिए अलग पात्रता मानक लागू हो सकते हैं।
पुणे में मिलेगी मुफ्त कोचिंग और रहने की सुविधा
योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि चयनित विद्यार्थियों को पुणे के निकट स्थित दक्षणा वैली परिसर में एक वर्ष तक निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां विद्यार्थियों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था भी मुफ्त रहेगी।
इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। आमतौर पर जेईई और नीट की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को कोचिंग फीस के साथ आवास, भोजन और अन्य आवश्यक खर्चों का सामना करना पड़ता है। कई परिवार इन खर्चों को वहन करने में असमर्थ होते हैं।
ऐसे में दक्षणा फाउंडेशन के सहयोग से मिलने वाली यह सुविधा विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी। उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।
गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को मिलेगा अवसर
उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल का प्रमुख उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक असमानता को कम करना और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है।
प्रदेश के ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में ऐसे अनेक विद्यार्थी हैं, जो डॉक्टर या इंजीनियर बनने की इच्छा रखते हैं। हालांकि परिवार की सीमित आय और उचित मार्गदर्शन के अभाव में कई विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
निःशुल्क कोचिंग की यह व्यवस्था ऐसे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। विशेष रूप से उन छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा, जिन्होंने विद्यालय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है और उच्च शिक्षा के लिए कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं।
विद्यालयों को विद्यार्थियों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश
समाज कल्याण विभाग ने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने तथा उन्हें आवेदन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी के अभाव में कोई योग्य विद्यार्थी आवेदन करने के अवसर से वंचित न रह जाए। पात्र छात्र-छात्राएं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं
प्रदेश सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचने में सहायता प्रदान कर सकती है। जेईई के माध्यम से इंजीनियरिंग संस्थानों और नीट के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए विद्यार्थियों को कठिन प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में एक वर्ष तक निःशुल्क कोचिंग, आवास और भोजन की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
हालांकि, अंतिम सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, चयन परीक्षा में प्रदर्शन और प्रवेश परीक्षाओं में प्राप्त अंकों पर निर्भर करेगी। सरकार और दक्षणा फाउंडेशन की इस संयुक्त पहल से प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपनों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।





