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खेतों में मगरमच्छ की दहशत खत्म, सुरक्षित नदी में छोड़ा गया

आगरा: बाह क्षेत्र के चांगौली गांव में एक मगरमच्छ ने ग्रामीणों और वन विभाग की टीम को चार दिनों तक परेशान रखा। तालाब क्षेत्र के आसपास घूम रहे मगरमच्छ के कारण गांव में डर का माहौल बना हुआ था। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत करते हुए आखिरकार मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया और उसे राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के केंजरा घाट में छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, पिछले चार दिनों से तालाब क्षेत्र के पास एक मगरमच्छ दिखाई दे रहा था। मगरमच्छ का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। हालांकि शुरुआत में वन विभाग को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि वीडियो किस स्थान का है। बाद में बाह क्षेत्र के चांगौली गांव स्थित तालाब में मगरमच्छ होने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग सक्रिय हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि मगरमच्छ तालाब से बाहर निकलकर खेतों की ओर बढ़ रहा था, जिससे आसपास के लोगों में डर फैल गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही प्रभागीय निदेशक राजेश कुमार ने बाह रेंज की टीम को मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाने के निर्देश दिए।
क्षेत्रीय वन अधिकारी बाह अमित कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास शुरू किया। लेकिन मगरमच्छ बार-बार अपना स्थान बदल रहा था, जिससे रेस्क्यू टीम को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खेतों और तालाब के आसपास लगातार निगरानी रखी गई और कई घंटों की मेहनत के बाद टीम को सफलता मिली।
वन विभाग की टीम ने पूरी सावधानी के साथ मगरमच्छ को पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई थी। वन विभाग के कर्मचारियों ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की सलाह दी।
मगरमच्छ को पकड़ने के बाद उसे सुरक्षित वाहन के माध्यम से राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के केंजरा घाट ले जाया गया। वहां उसे प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मगरमच्छ को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
इस पूरे रेस्क्यू अभियान में उप क्षेत्रीय वन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, वन दरोगा शिवम यादव, अमन चौधरी, वनरक्षक विमल द्विवेदी सहित वन विभाग के कई कर्मचारी शामिल रहे। टीम ने कई घंटों तक मेहनत कर अभियान को सफल बनाया।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में नदी और तालाबों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई बार जलीय जीव अपने प्राकृतिक स्थानों से बाहर निकल आते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है। यदि किसी क्षेत्र में मगरमच्छ या अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए और खुद पकड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद चांगौली गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पिछले चार दिनों से लोगों में भय का माहौल बना हुआ था। खेतों में काम करने वाले किसान भी सावधानी बरत रहे थे। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों के साथ छेड़छाड़ न करें और किसी भी आपात स्थिति में विभाग की मदद लें।





