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मिर्जापुर में घर में घुसा मगरमच्छ, वन विभाग ने सुरक्षित पकड़ा

मिर्जापुर। हलिया थाना क्षेत्र के बसुहरा गांव के बंधइता मजरे में गुरुवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक करीब सात फीट लंबा मगरमच्छ अचानक एक ग्रामीण के घर में घुस गया। मगरमच्छ को घर के अंदर देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, बसुहरा गांव के बंधइता मजरे निवासी क्षत्रधारी कोल के घर में शाम के समय अचानक एक मगरमच्छ पहुंच गया। घर के अंदर विशालकाय मगरमच्छ को देखकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हुई, जिसके बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी।
मगरमच्छ के घर में घुसने की खबर फैलते ही पूरे गांव में हलचल मच गई। ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिहाज से घर के आसपास भीड़ जमा कर ली और मगरमच्छ से दूरी बनाए रखी। लोगों में इस बात को लेकर डर था कि कहीं मगरमच्छ बाहर निकलकर किसी को नुकसान न पहुंचा दे।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने काफी सावधानी और सतर्कता के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। विशेषज्ञों की मदद से मगरमच्छ को नियंत्रित किया गया और उसे सुरक्षित तरीके से घर से बाहर निकाला गया।
वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि मगरमच्छ को पकड़ने के दौरान विशेष सावधानी बरती गई, क्योंकि यह एक जंगली जीव है और खतरा महसूस होने पर हमला कर सकता है। काफी प्रयास के बाद टीम ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया।
रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जहां उसे प्राकृतिक वातावरण में छोड़े जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में खुद से वन्यजीवों को पकड़ने या उनके करीब जाने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत विभाग को सूचना दें।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में पहले भी कई बार नदी, तालाब या जल स्रोतों के आसपास मगरमच्छ दिखाई देने की घटनाएं सामने आती रही हैं। बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ने के कारण कई बार मगरमच्छ अपने प्राकृतिक आवास से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल स्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। यदि किसी भी स्थान पर मगरमच्छ या कोई अन्य खतरनाक वन्यजीव दिखाई देता है तो तुरंत स्थानीय प्रशासन या वन विभाग को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि समय रहते सूचना मिलने और वन विभाग की तत्परता से बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। यदि मगरमच्छ घर में मौजूद किसी व्यक्ति के सामने आ जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
क्षत्रधारी कोल के परिवार के लिए यह घटना किसी डरावने अनुभव से कम नहीं थी। हालांकि, घटना के समय घर खाली होने के कारण किसी भी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना की, जिसने सुरक्षित तरीके से मगरमच्छ को पकड़कर लोगों को राहत पहुंचाई।
स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे वन्यजीवों से जुड़ी किसी भी घटना को गंभीरता से लें और सावधानी बरतें। जंगल और जल स्रोतों के आसपास रहने वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ सकती है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है और मगरमच्छ के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। वन विभाग क्षेत्र में निगरानी बनाए रखने की बात कह रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।





