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बड़ा हादसा टला, मरीज छोड़कर लौट रही एंबुलेंस रेलिंग तोड़कर नीचे गिरी

गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 500 बेड बाल सेवा संस्थान में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होने से बच गया। मरीज को अस्पताल पहुंचाकर लौट रही एक निजी एंबुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए करीब 20 फीट नीचे जा गिरी। हादसे में एंबुलेंस चालक को मामूली चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत चालक को वाहन से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार कराया, जिसके बाद वह अपने घर चला गया।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, सरकार हॉस्पिटल, गुलरिहा के नाम से पंजीकृत एक निजी एंबुलेंस बुधवार देर रात एक मरीज को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 500 बेड बाल सेवा संस्थान पहुंची थी। मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद चालक एंबुलेंस लेकर पोर्टिको से नीचे उतर रहा था।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान गियर बदलते समय चालक से गलती हो गई और बैक गियर लग गया। इसके बाद एंबुलेंस अचानक पीछे की ओर तेजी से चलने लगी। चालक वाहन को नियंत्रित नहीं कर पाया और एंबुलेंस पोर्टिको की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरी। एंबुलेंस के करीब 20 फीट नीचे गिरने से जोरदार आवाज हुई, जिससे आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए।
स्थानीय लोगों और अस्पताल कर्मचारियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने एंबुलेंस में फंसे चालक को बाहर निकाला। गनीमत रही कि हादसे में चालक को गंभीर चोट नहीं आई। उसे प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद उसकी हालत सामान्य बताई गई और वह अपने घर चला गया।
हादसे के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और एंबुलेंस संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस स्थान पर एंबुलेंस गिरी वहां काफी ऊंचाई थी। यदि वाहन के गिरने के समय आसपास कोई व्यक्ति मौजूद होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
इस घटना को लेकर यह भी आरोप लगाया गया कि एंबुलेंस चालक नशे की हालत में था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस या अस्पताल प्रशासन की ओर से इस संबंध में विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। यदि जांच में चालक के नशे में होने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस की आवाजाही लगातार बनी रहती है। मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में निजी एंबुलेंस यहां आती-जाती हैं। ऐसे में चालकों की सावधानी और वाहन संचालन की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि एंबुलेंस की स्थिति, चालक की लापरवाही या किसी तकनीकी खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पताल परिसरों में वाहन संचालन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि यहां मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की लगातार आवाजाही रहती है। थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने मांग की है कि निजी एंबुलेंस चालकों की जांच और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उनका कहना है कि अस्पतालों में आने वाले वाहन चालकों के लिए सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य होना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल इस घटना में किसी मरीज या अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। चालक को मामूली चोटें आई हैं और एंबुलेंस को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। हादसे ने एक बार फिर अस्पताल परिसरों में वाहन संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





