उत्तर प्रदेश

प्रतिबंधित कछुओं की तस्करी पर शिकंजा, कानपुर में आरोपी गिरफ्तार

Saba Naaz
18 July 2026 9:22 PM IST
प्रतिबंधित कछुओं की तस्करी पर शिकंजा, कानपुर में आरोपी गिरफ्तार
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कानपुर: वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एसटीएफ लखनऊ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कछुआ तस्कर को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र के रेलवे क्रॉसिंग के पास से आरोपी को पकड़ा। उसके पास से प्रतिबंधित प्रजाति के 171 कछुए बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया है कि इन कछुओं को अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के जरिए विदेशों तक भेजने की तैयारी थी।

एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान फतेहगढ़ जिले के कमालगंज थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव निवासी जाहिद अली के रूप में हुई है। उसके पास से बड़ी संख्या में कछुओं के अलावा मोबाइल फोन और पहचान पत्र भी बरामद किया गया है। आरोपी लंबे समय से कछुआ तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

एसटीएफ के एसआई फैजुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि टीम को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि प्रतिबंधित प्रजातियों के कछुओं की तस्करी करने वाला गिरोह सक्रिय है। इस सूचना के आधार पर एसटीएफ ने तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। जांच के दौरान जानकारी मिली कि कुछ लोग बड़ी संख्या में कछुओं की खेप लेकर कानपुर आने वाले हैं।

इसके बाद एसटीएफ की टीम ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर हरबंश मोहाल क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग के पास निगरानी शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति वहां पहुंचा, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर टीम ने उसे रोककर पूछताछ की। तलाशी लेने पर उसके पास से प्रतिबंधित प्रजाति के 171 कछुए बरामद हुए।

पूछताछ में आरोपी जाहिद अली ने बताया कि वह फतेहगढ़ और आसपास के जिलों के तालाबों व नदियों से कछुओं को एकत्र करता था। इसके बाद इन्हें कानपुर के रास्ते बिहार और पश्चिम बंगाल के तस्करों तक पहुंचाया जाता था। वहां से इन कछुओं को बांग्लादेश और म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग, मलेशिया समेत अन्य देशों में भेजे जाने की बात सामने आई है।

एसटीएफ के अनुसार, विदेशों में इन कछुओं का इस्तेमाल कथित रूप से शक्तिवर्धक दवाओं और अन्य अवैध उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। कछुओं की कई प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित हैं और उनका व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित है।

अधिकारियों ने बताया कि भारत में कछुओं की करीब 29 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से लगभग 15 प्रजातियां उत्तर प्रदेश में मिलती हैं। इनमें कई प्रजातियों का अवैध कारोबार किया जाता है। तस्कर इनके मांस और शरीर के अन्य हिस्सों का इस्तेमाल दवाओं के लिए करते हैं।

एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अकेले काम नहीं करता था, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। अब पुलिस और वन विभाग की टीमें इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि पिछले कुछ समय में कितनी संख्या में कछुओं की तस्करी की गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

आरोपी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की तस्करी करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। एसटीएफ की इस कार्रवाई से कछुआ तस्करी करने वाले गिरोह में हड़कंप मचा हुआ है।

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