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पुरा महादेव मंदिर में कांवड़ियों के चढ़ावे से होगी गोसेवा, शिवरात्रि मेले की तैयारियां तेज

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: श्रावणी मास की शिवरात्रि पर आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को भव्य, दिव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बागपत जिले के ऐतिहासिक और प्राचीन भगवान श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर पुरा में आयोजित होने वाले शिवरात्रि मेले को लेकर प्रशासन विशेष व्यवस्थाएं कर रहा है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने एक महत्वपूर्ण और अनूठी पहल की है। शिवरात्रि मेले के दौरान लाखों कांवड़ियों द्वारा भगवान शिव को अर्पित किए जाने वाले फल-फूल, दूध और शहद आदि सामग्री को गोवंशियों के उपयोग में लाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य चढ़ावे की सामग्री का बेहतर उपयोग करना और जीरो वेस्ट व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
चढ़ावे की सामग्री से होगी गोसेवा
हर वर्ष श्रावण मास में बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर पुरा महादेव मंदिर पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान श्रद्धालु फल, फूल, दूध, शहद समेत कई अन्य सामग्री भगवान को अर्पित करते हैं।
अब प्रशासन ने इस सामग्री को इधर-उधर फेंकने के बजाय गोसेवा में उपयोग करने की योजना बनाई है। इससे जहां मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनी रहेगी, वहीं गोवंशियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
जिला प्रशासन का मानना है कि यह पहल धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों को जोड़ने का काम करेगी। श्रद्धालुओं को भी इससे स्वच्छता और सेवा का संदेश मिलेगा।
30 जुलाई से शुरू होगा कांवड़ियों का आगमन
श्रावणी मास की शिवरात्रि को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तैयारियां तेज हो गई हैं। 30 जुलाई से हरिद्वार से लेकर पश्चिमी यूपी के विभिन्न मार्गों पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगेगी।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकलने वाले शिवभक्त अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ेंगे और शिवरात्रि के अवसर पर विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विशेष योजना तैयार की है।
पुरा महादेव मंदिर में युद्ध स्तर पर तैयारियां
बागपत स्थित पुरा महादेव मंदिर में शिवरात्रि मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें लगातार तैयारियों की निगरानी कर रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगा विशेष जोर
कांवड़ यात्रा और शिवरात्रि मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और आपात स्थिति से निपटने के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकें।
आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
डीएम अस्मिता लाल की यह पहल धार्मिक आयोजनों में पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण पेश करती है। अक्सर बड़े धार्मिक आयोजनों के बाद बड़ी मात्रा में पूजा सामग्री एकत्र हो जाती है, जिससे सफाई और निस्तारण की समस्या पैदा होती है।
अब इस सामग्री को गोवंशियों तक पहुंचाने की व्यवस्था से कचरा कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। प्रशासन इसे जीरो वेस्ट अभियान से जोड़कर देख रहा है।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर परिसर की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और चढ़ावे की सामग्री निर्धारित स्थानों पर ही रखें।
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। इसलिए सभी विभाग मिलकर इसे सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
भव्य आयोजन की तैयारी
पुरा महादेव मंदिर में होने वाला शिवरात्रि मेला हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस बार प्रशासन इसे और बेहतर तरीके से आयोजित करने की तैयारी में है।
कांवड़ियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। चढ़ावे की सामग्री को गोसेवा से जोड़ने का निर्णय इस बार मेले की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रहेगा।
श्रद्धा, सेवा और स्वच्छता के संदेश के साथ पुरा महादेव मंदिर में होने वाला शिवरात्रि मेला इस बार एक नई पहल के साथ आयोजित किया जाएगा।





