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Aamir Khan's की शादी को लेकर विवाद बढ़ा, परमहंस आचार्य ने दिया बयान

Ayodhya अयोध्या : तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे की ओर से अभिनेता आमिर खान को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि नितेश राणे द्वारा लगाए गए आरोप केवल आरोप नहीं बल्कि वास्तविकता हैं। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर दान मामले की जांच, समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए विवादित पोस्टरों और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आगामी बैठक को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
आमिर खान की कथित तीसरी शादी को लेकर बयान देते हुए परमहंस आचार्य ने कहा कि किसी भी मामले में समाज और धर्म से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आमिर खान ने तीन शादियां कीं और तीनों हिंदू महिलाओं से कीं, जिसे उन्होंने लव जिहाद से जोड़ते हुए गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
परमहंस आचार्य ने कहा कि समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या समाज में तनाव पैदा करने वाले कार्यों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
राम मंदिर दान मामले में कथित चोरी की जांच को लेकर उन्होंने एसआईटी पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर हुआ था और मामले की जांच पूरी ईमानदारी के साथ की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जांच में किसी भी प्रकार का राजनीतिक या अन्य दबाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने मंदिर से जुड़े दान में एक रुपये की भी चोरी की है तो उससे पूरी राशि की वसूली की जानी चाहिए और दोषी पाए जाने पर कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मंदिर और ट्रस्ट को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
अयोध्या में समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए पोस्टरों और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों पर भी परमहंस आचार्य ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध करती रही और अब मंदिर को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास मंदिर से जुड़े मामलों में कोई ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट की 22 जुलाई को होने वाली बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न सत्ता पक्ष, न विपक्ष और न ही किसी साधु-संत का जांच पर दबाव होना चाहिए। जांच में "दूध का दूध और पानी का पानी" होना जरूरी है, ताकि जनता के सामने पूरी सच्चाई आ सके।
उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर से जुड़े कई भ्रामक दावे पहले किए गए थे, लेकिन बाद में ट्रस्ट ने संबंधित तथ्यों को सार्वजनिक कर उनका जवाब दिया। श्रद्धालुओं की संख्या में कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि शुरुआती समय में कुछ प्रभाव जरूर पड़ा था, लेकिन वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या फिर बढ़ने लगी है। उन्होंने कहा कि बरसात, खेती के मौसम और स्कूल खुलने के कारण फिलहाल लोगों की आवाजाही सामान्य रूप से कम रहती है, लेकिन आने वाले समय में अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या फिर बढ़ेगी।





