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बस से उतरते समय हादसे में सिपाही अशोक कुमार की मौत, सिर में लगी गंभीर चोट

कानपुर। स्वरूप नगर थाना क्षेत्र में कैंसर अस्पताल के पास जीटी रोड पर गुरुवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। बस से उतरने के दौरान गोविंद नगर थाने में तैनात 52 वर्षीय सिपाही अशोक कुमार गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में गंभीर चोट लगी। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने सिपाही के परिजनों को हादसे की सूचना दी, जिसके बाद परिवार के सदस्य इटावा से कानपुर के लिए रवाना हो गए।
मूलरूप से इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी अशोक कुमार कानपुर के गोविंद नगर थाने में सिपाही के पद पर तैनात थे। नौकरी के कारण वह कानपुर में रहते थे। उनके साथ उनकी बड़ी बेटी प्रिया भी कल्याणपुर खुर्द में किराये के कमरे में रहती थी। वहीं उनकी पत्नी मंजेश और छोटी बेटी अंजलि इटावा स्थित पैतृक घर में रहती हैं।
गुरुवार दोपहर अशोक कुमार बस से यात्रा कर रहे थे। स्वरूप नगर क्षेत्र में कैंसर अस्पताल के पास जीटी रोड पर बस से उतरते समय अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया। वह सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। हादसा होते ही आसपास मौजूद लोग उनकी मदद के लिए दौड़े।
घटना के बाद घायल सिपाही को अस्पताल पहुंचाया गया। सिर में गंभीर चोट होने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
सिपाही की पहचान गोविंद नगर थाने में तैनात अशोक कुमार के रूप में होने के बाद संबंधित थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। साथी पुलिसकर्मियों को जैसे ही उनकी मौत की सूचना मिली, थाने में शोक का माहौल हो गया।
पुलिस ने अशोक कुमार के परिजनों से संपर्क कर हादसे की सूचना दी। खबर मिलते ही पत्नी और अन्य परिवार के सदस्य सदमे में आ गए। इटावा में रहने वाले परिजन कानपुर के लिए रवाना हुए।
अशोक कुमार की बड़ी बेटी प्रिया उनके साथ कानपुर में रह रही थी। पिता की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी मंजेश और छोटी बेटी अंजलि इटावा में थीं।
पुलिस अब दुर्घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अशोक कुमार किस बस में सवार थे और हादसे के समय बस पूरी तरह रुकी थी या चल रही थी। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी ली जा सकती है।
यदि घटनास्थल या आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में हादसा रिकॉर्ड हुआ होगा तो पुलिस उनके फुटेज की जांच कर सकती है। इससे दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होने में मदद मिलेगी।
जीटी रोड शहर के व्यस्त मार्गों में शामिल है। यहां दिनभर बसों, ट्रकों, कारों और अन्य वाहनों का आवागमन रहता है। कैंसर अस्पताल के आसपास भी यात्रियों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे में बस से उतरते और चढ़ते समय अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है।
अशोक कुमार लंबे समय से पुलिस विभाग में सेवा दे रहे थे। वर्तमान में उनकी तैनाती गोविंद नगर थाने में थी। थाना स्तर पर वह नियमित पुलिस कार्यों और अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे।
साथी पुलिसकर्मियों के मुताबिक अचानक हुए हादसे की खबर से सभी स्तब्ध हैं। गुरुवार को ड्यूटी से जुड़े सामान्य कामकाज के बीच उनके निधन की सूचना पहुंची तो कर्मचारियों में शोक छा गया।
घटना के बाद शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा गया। परिजनों के कानपुर पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंपा जाएगा।
पुलिस ने हादसे से संबंधित जानकारी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बस चालक और परिचालक के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है। हादसे में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिपाही अशोक कुमार के परिवार में पत्नी मंजेश और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी प्रिया पिता के साथ कानपुर में रहती थी, जबकि छोटी बेटी अंजलि मां के साथ इटावा में रह रही है। परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे अशोक की अचानक मौत ने सभी को गहरा सदमा दिया है।
इटावा स्थित उनके घर पर भी मौत की खबर पहुंचने के बाद रिश्तेदारों और परिचितों का पहुंचना शुरू हो गया। परिवार के लोग कानपुर से आने वाली जानकारी का इंतजार करते रहे।
गोविंद नगर थाने के पुलिसकर्मी भी अस्पताल और संबंधित पुलिस अधिकारियों के संपर्क में रहे। पुलिस विभाग की ओर से परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
बस से उतरते समय होने वाले हादसों में अक्सर मामूली असंतुलन भी गंभीर चोट का कारण बन जाता है। खासकर सिर पर चोट लगने की स्थिति में व्यक्ति की हालत तेजी से बिगड़ सकती है। अशोक कुमार के मामले में भी सिर की चोट जानलेवा साबित हुई।
घटना के बाद पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बस कहां से आ रही थी और अशोक कुमार कहां जा रहे थे। उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति था या नहीं, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
फिलहाल सबसे बड़ा इंतजार उनके परिजनों के कानपुर पहुंचने का है। परिवार के आने के बाद पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
गोविंद नगर थाने में तैनात सिपाही अशोक कुमार की अचानक मौत से पुलिस विभाग और उनके परिवार में शोक का माहौल है। गुरुवार दोपहर बस से उतरते समय हुआ एक हादसा उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। अब पुलिस दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है।





