उत्तर प्रदेश

नौकरी बचाने की चिंता TET पास शिक्षक भी भर रहे स्पेशल टीईटी का आवेदन

Ratna Netam
8 Sept 2026 3:42 PM IST
नौकरी बचाने की चिंता TET पास शिक्षक भी भर रहे स्पेशल टीईटी का आवेदन
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। हैरानी की बात यह है कि जिन शिक्षकों ने हाल ही में **TET परीक्षा पास कर ली है**, वे भी अब **स्पेशल TET** के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसके पीछे वजह परीक्षा पास करने के बाद भी एक डर बताया जा रहा है। कई शिक्षक आशंका जता रहे हैं कि अगर मौजूदा TET परिणाम में किसी तरह का बदलाव हुआ तो उनकी परेशानी बढ़ सकती है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश में कार्यरत कई शिक्षकों के लिए TET पास करना जरूरी हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष TET परीक्षा आयोजित की जा रही है।
TET पास होने के बाद भी क्यों भर रहे हैं फॉर्म?
शिक्षकों का कहना है कि हाल ही में जारी हुए TET परिणाम को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने आपत्तियां और प्रत्यावेदन दिए हैं। ऐसे में उन्हें डर है कि अगर जांच के बाद परिणाम में कोई बदलाव होता है तो उनकी पात्रता प्रभावित हो सकती है।
इसी चिंता के चलते कई शिक्षक किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते और स्पेशल TET में भी आवेदन कर रहे हैं। उनका मानना है कि अगर पहले वाला परिणाम किसी कारण से बदलता है तो उनके पास दूसरा विकल्प मौजूद रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी चिंता
शिक्षकों के बीच सबसे बड़ी चिंता सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को लेकर है जिसमें शिक्षकों के लिए TET योग्यता को महत्वपूर्ण माना गया है। आदेश के बाद ऐसे कई सेवारत शिक्षक, जिनके पास TET प्रमाणपत्र नहीं था, उन्हें तय समय सीमा में यह योग्यता हासिल करनी होगी।
सरकार ने ऐसे शिक्षकों को मौका देने के लिए विशेष TET कराने की योजना बनाई है। इस परीक्षा का उद्देश्य उन शिक्षकों को अवसर देना है जो पहले से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं लेकिन किसी कारण से TET पास नहीं कर पाए हैं।
हजारों शिक्षकों पर है असर
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में परिषदीय स्कूलों के शिक्षक इस नियम के दायरे में आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़ी संख्या में शिक्षकों को TET पास करना जरूरी था। इनमें से कई शिक्षक परीक्षा में सफल हो चुके हैं, जबकि कुछ अभी भी पात्रता पूरी करने का इंतजार कर रहे हैं।
इसी वजह से स्पेशल TET को लेकर शिक्षकों में काफी सक्रियता दिखाई दे रही है।
रिजल्ट पर आपत्तियों ने बढ़ाई बेचैनी
हाल ही में जारी TET परिणाम के बाद कई अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने परिणाम को लेकर प्रत्यावेदन भी दिए हैं। इससे उन शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने परीक्षा तो पास कर ली है लेकिन परिणाम में बदलाव की संभावना से डर रहे हैं।
शिक्षकों को आशंका है कि अगर किसी विषय, प्रश्न या उत्तर कुंजी में बदलाव हुआ तो कुछ उम्मीदवारों के अंक प्रभावित हो सकते हैं।
नौकरी और भविष्य को लेकर चिंता
सरकारी शिक्षक अपनी नौकरी और भविष्य को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते। उनके लिए TET केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि सेवा में बने रहने और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण योग्यता बन गई है।
इसी कारण कई शिक्षक दोबारा परीक्षा देने को तैयार हैं, ताकि उनके पास वैध प्रमाणपत्र सुरक्षित रहे।
स्पेशल TET किनके लिए है?
स्पेशल TET मुख्य रूप से उन शिक्षकों के लिए आयोजित की जा रही है जो पहले से सरकारी स्कूलों में कार्यरत हैं और जिन्हें TET योग्यता पूरी करनी है। इसके अलावा कुछ विशेष शिक्षक श्रेणियों को भी इसमें शामिल किया गया है।
इस परीक्षा के जरिए सरकार शिक्षकों को नियमों के अनुसार पात्रता हासिल करने का मौका देना चाहती है।
शिक्षकों का कहना क्या है?
कई शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने मेहनत करके TET पास किया है, लेकिन परिणाम को लेकर अनिश्चितता के कारण वे दूसरा मौका छोड़ना नहीं चाहते।
उनका तर्क है कि अगर स्पेशल TET देने से उनकी पात्रता और मजबूत होती है तो इसमें कोई नुकसान नहीं है। यही वजह है कि पास शिक्षक भी आवेदन कर रहे हैं।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर TET परिणाम से जुड़े मामलों और स्पेशल TET प्रक्रिया पर है। अगर परिणाम में कोई बदलाव नहीं होता है तो पहले से पास शिक्षक राहत महसूस करेंगे। वहीं, स्पेशल TET भी उन शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी जो अभी पात्रता पूरी नहीं कर पाए हैं।
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