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उत्तर प्रदेश
अब स्कूल-कॉलेज जाना होगा आसान, दिव्यांग छात्राओं को मिलेगी ई-ट्राईसाइकिल
Ratna Netam
5 Aug 2026 6:14 PM IST

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मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांग छात्राओं की शिक्षा को अधिक सुगम और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने **ई-ट्राईसाइकिल अनुदान योजना-2026** लागू कर दी है, जिसके तहत स्कूल, कॉलेज और विभिन्न शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत पात्र दिव्यांग छात्राओं को आधुनिक ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनके आवागमन को आसान करना और शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराना है।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी **दीक्षा उपाध्याय** ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जनपद मुजफ्फरनगर में योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पात्र छात्राओं से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि कोई भी दिव्यांग छात्रा केवल आने-जाने की कठिनाइयों के कारण अपनी पढ़ाई न छोड़े। इसी उद्देश्य से ई-ट्राईसाइकिल योजना शुरू की गई है, ताकि छात्राएं आसानी से स्कूल, कॉलेज या प्रशिक्षण संस्थान तक पहुंच सकें।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जो उत्तर प्रदेश की मूल निवासी हों, जिनकी आयु 16 वर्ष या उससे अधिक हो तथा वे किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय, महाविद्यालय या शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत हों। इसके अलावा आवेदक के पास मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना भी अनिवार्य है।
योजना के तहत एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह भी रखा गया है कि किसी भी पात्र छात्रा को पांच वर्ष की अवधि में केवल एक बार ही ई-ट्राईसाइकिल का लाभ दिया जाएगा। यदि किसी लाभार्थी को पहले इस योजना के अंतर्गत सहायता मिल चुकी है, तो वह निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद ही दोबारा आवेदन करने की पात्र होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्राओं तक योजना का लाभ पहुंचाना है।
सरकार ने योजना के चयन में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। सबसे पहले गरीबी रेखा (बीपीएल) से नीचे जीवन-यापन करने वाले पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। यदि निर्धारित लक्ष्य पूरा होने के बाद भी सीटें उपलब्ध रहती हैं, तो अन्य पात्र छात्राओं का चयन उनकी दिव्यांगता की गंभीरता और आय के आधार पर किया जाएगा। साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि आवेदक अथवा उसके परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता न हो।
ई-ट्राईसाइकिल खरीदने के लिए सरकार प्रति लाभार्थी अधिकतम **65 हजार रुपये** तक का अनुदान उपलब्ध कराएगी। इस वित्तीय सहायता से छात्राएं आधुनिक ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त कर सकेंगी, जिससे उन्हें रोजाना स्कूल या कॉलेज आने-जाने में सुविधा मिलेगी। इससे न केवल उनका समय बचेगा बल्कि वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी शिक्षा जारी रख सकेंगी।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और पात्र छात्राओं को बिना किसी अनावश्यक परेशानी के योजना का लाभ मिल सके। आवेदन करते समय निर्धारित पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा। सभी दस्तावेज सही पाए जाने के बाद पात्रता के आधार पर चयन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि योजना से संबंधित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और अन्य जानकारी के लिए इच्छुक छात्राएं अथवा उनके अभिभावक **जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय, विकास भवन, मुजफ्फरनगर** से संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक पात्र दिव्यांग छात्राओं से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
सरकार का मानना है कि शिक्षा तक आसान पहुंच हर छात्र का अधिकार है। ई-ट्राईसाइकिल अनुदान योजना-2026 इसी सोच को आगे बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे दिव्यांग छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा जारी रखने और भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह योजना न केवल उनकी गतिशीलता बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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