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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्थित सर सुंदरलाल चिकित्सालय में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। पूर्वांचल के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में शामिल इस अस्पताल परिसर में पानी भरने से मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण अस्पताल परिसर में खड़े दो दर्जन से अधिक वाहन भी पानी में डूबे नजर आए।
सर सुंदरलाल चिकित्सालय को पूर्वांचल का प्रमुख चिकित्सा संस्थान माना जाता है। यहां वाराणसी के अलावा आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में बारिश के बाद अस्पताल परिसर में पानी भरने की स्थिति ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए।
जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के बाद अस्पताल परिसर के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया। देखते ही देखते पार्किंग क्षेत्र और आने-जाने वाले रास्तों पर जलभराव की स्थिति बन गई। पानी का स्तर बढ़ने से वहां खड़े कई वाहन प्रभावित हुए। कुछ वाहन पूरी तरह पानी में डूबे दिखाई दिए।
जलभराव के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई मरीजों को पानी से होकर गुजरना पड़ा, जबकि गंभीर मरीजों को अस्पताल के अंदर पहुंचाने के लिए कर्मचारियों और तीमारदारों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ी।
अस्पताल प्रशासन की ओर से स्थिति को संभालने के प्रयास किए गए। जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकालने और आवाजाही सुचारु करने के लिए कदम उठाए गए। कर्मचारियों ने मरीजों और उनके तीमारदारों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सहायता उपलब्ध कराई।
मरीजों के परिजनों का कहना था कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर जलभराव की समस्या गंभीर चिंता का विषय है। बारिश के मौसम में यदि समय रहते जल निकासी की बेहतर व्यवस्था हो तो मरीजों और कर्मचारियों को इस तरह की परेशानियों से बचाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, भारी बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आती है। हालांकि, अस्पताल परिसर में ऐसी स्थिति बनना चिंता का विषय है, क्योंकि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं।
सर सुंदरलाल चिकित्सालय में कई गंभीर बीमारियों के मरीजों का इलाज होता है। अस्पताल में दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की संख्या अधिक रहती है। ऐसे में परिसर की बेहतर व्यवस्था और साफ-सफाई बनाए रखना बेहद जरूरी माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत रखना आवश्यक है, क्योंकि जलभराव से संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना रहती है।
बारिश के बाद हुए जलभराव ने अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की जरूरत को भी सामने ला दिया है। अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभागों को भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए स्थायी समाधान की दिशा में काम करना होगा।
अस्पताल में आने वाले मरीजों और तीमारदारों ने मांग की है कि जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए और बारिश के समय विशेष इंतजाम किए जाएं। उनका कहना है कि चिकित्सा संस्थानों में मरीजों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
फिलहाल बारिश के बाद बनी स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को राहत पहुंचाने और सामान्य व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
बीएचयू का सर सुंदरलाल चिकित्सालय पूर्वांचल के लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य का बड़ा केंद्र है। ऐसे में यहां बुनियादी सुविधाओं को मजबूत रखना बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि किसी भी मौसम में मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।





