उत्तर प्रदेश

सीएम योगी का पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला, बोले- 2017 से पहले जिलों में माफिया का था बोलबाला

Kavita2
1 Oct 2026 2:55 PM IST
सीएम योगी का पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला, बोले- 2017 से पहले जिलों में माफिया का था बोलबाला
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोक भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के कई जिलों में माफिया का प्रभाव था और पुलिस राजनीतिक दबाव के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाती थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद पुलिस सुधार और अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक भवन सभागार में आयोजित पुलिस सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही वीरता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले पुलिसकर्मियों को पदक देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी हुआ।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2017 से पहले हालात ऐसे थे कि कई स्थानों पर अपराधी और माफिया समानांतर सत्ता चलाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के कारण पुलिस के लिए अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना मुश्किल था।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर राजनीतिक नेतृत्व स्वयं मजबूत इच्छाशक्ति नहीं दिखाएगा तो कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाना संभव नहीं है। उन्होंने अपने भाषण में पूर्ववर्ती राजनीतिक नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि कमजोर राजनीतिक इच्छाशक्ति का असर पुलिस व्यवस्था पर भी पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद उनकी सरकार ने पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की स्वतंत्रता देने और उसकी कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था, साइबर पुलिसिंग और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया। राज्य सरकार इससे पहले भी सात जिलों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू करने और प्रत्येक जिले में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित करने को पुलिस सुधारों के हिस्से के रूप में पेश कर चुकी है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इन वाहनों का इस्तेमाल यातायात नियमों के पालन, ओवरस्पीडिंग और सड़क सुरक्षा से जुड़ी निगरानी में किया जाएगा। आधुनिक तकनीक से लैस ऐसे वाहनों से सड़क पर नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान और कार्रवाई में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों से कहा कि कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस को जनता के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह भी रहना चाहिए। सरकार की आधिकारिक सूचनाओं में भी अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की नीति दोहराई गई है।

समारोह में अदम्य साहस और बहादुरी का परिचय देने वाले पुलिसकर्मियों को वीरता पदक प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने सम्मानित जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने वाले पुलिसकर्मी पूरे बल के लिए प्रेरणा हैं।

इस अवसर पर पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया गया। प्रकाश सिंह पुलिस सुधार से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सेवा और अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस व्यवस्था को केवल संख्या बढ़ाकर मजबूत नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीक, बेहतर संसाधन और स्पष्ट नेतृत्व जरूरी है। उन्होंने पुलिस को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने साइबर अपराध को भी बड़ी चुनौती बताया। राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों में साइबर पुलिस स्टेशन और साइबर हेल्प डेस्क की व्यवस्था बढ़ाने की बात करती रही है। इसके साथ ही अपराध नियंत्रण और निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग को भी बढ़ाया गया है।

उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होने दिया। हालांकि विपक्ष समय-समय पर सरकार की कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई के तरीकों पर सवाल उठाता रहा है। इस राजनीतिक बहस के बीच मुख्यमंत्री ने गुरुवार के कार्यक्रम में अपने प्रशासन की नीतियों को पूर्ववर्ती सरकारों से अलग बताते हुए प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अपराध करने वाले व्यक्ति की पहचान या प्रभाव के आधार पर कार्रवाई में अंतर नहीं होना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुख रहा। इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए तेज रफ्तार, यातायात नियमों के उल्लंघन और खतरनाक ड्राइविंग पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के आधुनिकीकरण को निरंतर प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं, इसलिए पुलिस को नई तकनीक और आधुनिक प्रशिक्षण से लैस करना जरूरी है।

लोक भवन में आयोजित समारोह में वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों के सम्मान, आधुनिक वाहनों की शुरुआत और पुस्तक विमोचन के साथ कार्यक्रम में कानून-व्यवस्था और पुलिस सुधार प्रमुख विषय बने रहे।

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में एक बार फिर 2017 से पहले और बाद की कानून-व्यवस्था की तुलना की। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया और अपनी सरकार की कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ सख्त नीति के रूप में पेश किया।

मुख्यमंत्री के इन आरोपों को उनके राजनीतिक और प्रशासनिक दावे के रूप में देखा जा रहा है। पूर्ववर्ती सरकारों और विपक्षी दलों की इस पर अलग प्रतिक्रिया हो सकती है।

फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस व्यवस्था में तकनीक, प्रशिक्षण और संसाधनों के विस्तार को आगे बढ़ा रही है। 87 नए इंटरसेप्टर वाहनों की शुरुआत भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ जनता के विश्वास को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

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