उत्तर प्रदेश

योगी आदित्यनाथ का दावा पहले माफिया से परेशान था उत्तर प्रदेश

Ratna Netam
1 Oct 2026 2:43 PM IST
योगी आदित्यनाथ का दावा पहले माफिया से परेशान था उत्तर प्रदेश
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने से पहले प्रदेश में माफिया का प्रभाव था और पुलिस कई मामलों में बेबस नजर आती थी। मुख्यमंत्री ने यह बयान लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया, जहां उन्होंने आधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को कई क्षेत्रों में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश अर्थव्यवस्था, सरकारी भर्ती, नई तकनीक अपनाने और कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के मामले में पीछे था। यह उनका राजनीतिक आकलन था, जिसे उन्होंने अपनी सरकार के कामकाज की तुलना पूर्व की स्थिति से करते हुए रखा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के लोगों की पहचान को भी नकारात्मक नजरिए से देखा जाता था। उन्होंने दावा किया कि किसी व्यक्ति को ‘यूपी वाला’ कहकर कई बार उसकी क्षमताओं को नजरअंदाज कर दिया जाता था। मुख्यमंत्री के मुताबिक उनकी सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था, पुलिसिंग और तकनीक के इस्तेमाल को बेहतर करने की दिशा में काम किया है।
कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के सामने आने वाली चुनौतियों को राजनीतिक नेतृत्व से अलग करके नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक नेतृत्व में निर्णय लेने और कानून का पालन कराने का संकल्प नहीं होगा तो पुलिस व्यवस्था भी प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पाएगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में माफिया का दबदबा था। उन्होंने कहा कि आम लोग माफिया के सामने झुकने को मजबूर होते थे और पुलिस भी कई बार कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं होती थी। मुख्यमंत्री का यह बयान पूर्ववर्ती सरकारों की कानून-व्यवस्था पर उनकी आलोचना का हिस्सा था।
कार्यक्रम का मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस करना था। मुख्यमंत्री ने 87 अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इन वाहनों में चारपहिया और दोपहिया दोनों तरह के वाहन शामिल हैं। इन्हें यातायात नियमों के पालन, सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराया गया है।
आधुनिक इंटरसेप्टर वाहन तेज गति से चलने वाले वाहनों और यातायात नियमों के उल्लंघन की निगरानी में पुलिस की मदद कर सकते हैं। कार्यक्रम के जरिए सरकार ने पुलिसिंग में आधुनिक संसाधनों और तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और अधिक आबादी वाले राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक बदलते समय के साथ अपराध और यातायात प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियां भी बदल रही हैं, इसलिए पुलिस को आधुनिक उपकरण और बेहतर तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल पुलिस बल की संख्या बढ़ाने से व्यवस्था बेहतर नहीं हो सकती, बल्कि पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और संसाधनों से लैस करना भी आवश्यक है। सरकार इसी दिशा में लगातार कदम उठा रही है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के साथ पुलिस सुधारों से जुड़ी पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में राज्य सरकार और पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और आधुनिक पुलिस व्यवस्था के जरिए अपराध पर नियंत्रण की दिशा में प्रभावी काम किया जा सकता है। उन्होंने पिछले वर्षों में अपनी सरकार की नीतियों और पुलिस को उपलब्ध कराए गए संसाधनों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री के बयान का मुख्य जोर 2017 से पहले और उसके बाद की कानून-व्यवस्था की तुलना पर रहा। उन्होंने पूर्ववर्ती दौर की स्थिति को लेकर कई आरोप लगाए और कहा कि वर्तमान सरकार ने पुलिस को स्वतंत्र रूप से काम करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने का वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए बेहतर कानून-व्यवस्था बेहद जरूरी है। निवेश, रोजगार और सामान्य जनजीवन तभी बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकते हैं, जब लोगों में सुरक्षा की भावना हो और कानून का प्रभावी पालन हो।
87 नए इंटरसेप्टर वाहनों की शुरुआत को सरकार पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण के कदम के रूप में पेश कर रही है। इन वाहनों के जरिए सड़क सुरक्षा, यातायात निगरानी और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने की योजना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के अंत में पुलिस बल को नई तकनीक के साथ तेजी से आगे बढ़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की बदलती जरूरतों को देखते हुए पुलिस को लगातार आधुनिक बनाना जरूरी है, ताकि कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके।
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