उत्तर प्रदेश

शिकायतों पर लापरवाही पड़ी तो खैर नहीं CM योगी सख्त

Ratna Netam
14 Sept 2026 4:45 PM IST
शिकायतों पर लापरवाही पड़ी तो खैर नहीं CM योगी सख्त
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘जनता दर्शन’ के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। खास तौर पर पुलिस से जुड़े मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों से कहा कि फरियादियों की शिकायतों के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेने और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी अलग-अलग समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचे। इनमें जमीन और संपत्ति विवाद, पुलिस से संबंधित शिकायतें, आर्थिक सहायता और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़े आवेदन शामिल थे। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस से जुड़े मामलों पर दिखे सख्त
जनता दर्शन के दौरान पुलिस से संबंधित कुछ शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने पहुंचीं। इन मामलों को लेकर योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों और थानों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत मिलने पर अधिकारी उसकी गंभीरता से जांच करें और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी भी तय की जाए।
उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक व्यक्ति की समस्या सुनी जाए और उसे समयबद्ध तरीके से समाधान मिले। अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ शिकायतकर्ताओं की बात सुननी चाहिए।
जमीन से जुड़े मामलों की भी आई शिकायतें
उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाले जनता दर्शन कार्यक्रमों में जमीन और संपत्ति से जुड़े विवाद भी बड़ी संख्या में सामने आते हैं। इस बार भी कई फरियादी जमीन विवाद से जुड़ी शिकायत लेकर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां कानून-व्यवस्था से संबंधित स्थिति उत्पन्न होने की आशंका हो, वहां प्रशासन सतर्कता बरते।
वहीं जमीन के स्वामित्व या राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े विवादों में अधिकारियों को दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि किसी भी कमजोर या जरूरतमंद व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और कानून के दायरे में उसकी समस्या का समाधान किया जाना चाहिए।
फरियादियों से खुद मिले मुख्यमंत्री
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों के पास पहुंचे और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। फरियादियों ने अपने आवेदन मुख्यमंत्री को सौंपे। उन्होंने शिकायत पत्र अधिकारियों को देते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में अलग-अलग जिलों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। कई लोग ऐसे मामलों को लेकर आए जिनके समाधान के लिए वे पहले स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से संपर्क कर चुके थे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दर्शन में आने वाले प्रत्येक आवेदन को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर उसका फॉलोअप किया जाए। केवल आवेदन आगे भेजना पर्याप्त नहीं है बल्कि समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए।
शिकायतों के निस्तारण में देरी पर नाराजगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी कई मौकों पर शिकायत निस्तारण में देरी को लेकर अधिकारियों को चेतावनी दे चुके हैं। उनका कहना रहा है कि अगर किसी समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है तो फरियादी को उच्च स्तर तक आने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए।
जनता दर्शन में पुलिस से जुड़ी शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री का सख्त रुख इसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों की अनदेखी या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर करने के बजाय शिकायतकर्ता की संतुष्टि और कानून के मुताबिक वास्तविक कार्रवाई पर ध्यान देने की जरूरत है।
निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश
पुलिस और प्रशासन से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री ने निष्पक्षता पर भी जोर दिया। किसी शिकायत में आरोप लगाए जाने मात्र से किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। इसलिए अधिकारियों को तथ्यों की जांच करके कानून के मुताबिक कार्रवाई करनी होगी।
अगर किसी शिकायत में अपराध से जुड़ा मामला सामने आता है तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार कदम उठाने के निर्देश दिए गए। वहीं आपसी विवाद या राजस्व संबंधी मामलों में संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में पीड़ित की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
आर्थिक सहायता की गुहार लेकर भी पहुंचे लोग
जनता दर्शन में स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता से जुड़े आवेदन भी सामने आए। गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक मदद की मांग लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने उचित प्रक्रिया के तहत सहायता दिलाने का भरोसा दिया।
अधिकारियों से कहा गया कि इलाज से संबंधित जरूरी दस्तावेजों और अस्पताल के अनुमान की प्रक्रिया को जल्द पूरा कराया जाए ताकि पात्र लोगों को सरकारी सहायता मिलने में अनावश्यक देरी न हो।
मुख्यमंत्री इससे पहले भी जनता दर्शन के दौरान इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने वाले लोगों के मामलों को प्राथमिकता से देखने के निर्देश देते रहे हैं।
अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को यह संदेश भी दिया कि जनसमस्याओं का समाधान उनकी जिम्मेदारी है। शासन स्तर पर शिकायत निस्तारण व्यवस्था होने के बावजूद अगर लोग बार-बार एक ही समस्या लेकर पहुंच रहे हैं तो स्थानीय स्तर की कार्यप्रणाली की समीक्षा जरूरी है।
अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति को उसकी स्थिति की जानकारी भी दी जाए। इससे शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इसके अलावा गंभीर मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
जनता दर्शन के जरिए सीधे सुनते हैं समस्याएं
योगी आदित्यनाथ नियमित रूप से जनता दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से लोगों की शिकायतें सुनते रहे हैं। इसमें प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लोग आवेदन लेकर पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री कई मामलों में मौके पर अधिकारियों को निर्देश देते हैं जबकि अन्य आवेदन संबंधित विभागों को भेजे जाते हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को अपनी शिकायत सीधे शासन के शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का अवसर देना है। साथ ही इससे स्थानीय प्रशासन के स्तर पर लंबित मामलों की जानकारी भी सामने आती है।
लापरवाही हुई तो तय होगी जिम्मेदारी
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का संदेश साफ रहा कि शिकायतों को टालने की प्रवृत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। खासकर पुलिस से संबंधित गंभीर मामलों में अधिकारी संवेदनशीलता दिखाएं और समयबद्ध तरीके से उचित कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की मंशा लोगों को न्याय और राहत दिलाना है। ऐसे में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली या लापरवाही सामने आने पर जवाबदेही तय की जा सकती है।
जनता दर्शन में सामने आई शिकायतों को अब संबंधित विभागों और अधिकारियों के पास भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने इनके प्रभावी निस्तारण के साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि फरियादियों को न्याय के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े और हर मामले में कानून तथा तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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