उत्तर प्रदेश

भारत-नेपाल सीमा पर 470 पैकेट हुक्का मसाला बरामद, बोरी छोड़कर भागे तस्कर

Kavita2
14 Sept 2026 4:35 PM IST
भारत-नेपाल सीमा पर 470 पैकेट हुक्का मसाला बरामद, बोरी छोड़कर भागे तस्कर
x

महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बहुआर पुलिस और पथलहवा स्थित सशस्त्र सीमा बल की संयुक्त टीम ने बड़ी मात्रा में अफजाल ब्रांड का हुक्का मसाला बरामद किया है। सुरक्षा टीम को देखकर कथित तस्कर सामान से भरी बोरियां खेत में छोड़कर नेपाल की सीमा की ओर भाग गए। बरामद सामान को कब्जे में लेकर उसकी जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

संयुक्त टीम ने बोरियों की तलाशी ली तो उनके अंदर अफजाल ब्रांड के हुक्का मसाले के 470 पैकेट मिले। यह सामान भारत से नेपाल ले जाए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि सामान छोड़कर भागे लोगों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। उनकी पहचान और बरामद सामग्री के स्रोत का पता लगाने के लिए सीमा क्षेत्र में जानकारी जुटाई जा रही है।

कार्रवाई बहुआर चौकी प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में की गई। पुलिस और एसएसबी के जवान भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में संयुक्त रूप से गश्त कर रहे थे। टीम जब अंतरराष्ट्रीय सीमा के स्तंभ संख्या 498 के पास पहुंची तो कुछ लोग संदिग्ध अवस्था में सिर पर बोरियां रखकर नेपाल की ओर जाते दिखाई दिए।

टीम को देखकर खेत में फेंकी बोरियां

संयुक्त टीम को अपनी ओर आते देखकर संदिग्ध लोगों ने भागने का प्रयास किया। जवानों ने उन्हें रुकने के लिए कहा, लेकिन वे सामान से भरी बोरियां पास के खेत में फेंककर नेपाल की ओर भाग निकले। खुली सीमा और खेतों के बीच मौजूद पगडंडी रास्तों का फायदा उठाकर वे कुछ ही समय में टीम की नजरों से ओझल हो गए।

जवानों ने आसपास के खेतों और सीमा क्षेत्र में उनकी तलाश की, लेकिन वे पकड़ में नहीं आए। इसके बाद संयुक्त टीम ने खेत में छोड़ी गई बोरियों को अपने कब्जे में लिया। बोरियां खोलने पर उनमें हुक्के में इस्तेमाल होने वाला मसाला पाया गया। गिनती के दौरान कुल 470 पैकेट बरामद होने की बात सामने आई।

सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि सामान कहां से खरीदा गया था और इसे नेपाल में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। बिना वैध दस्तावेज सीमा पार किसी व्यापारिक सामग्री को ले जाना सीमा शुल्क और अन्य लागू कानूनों का उल्लंघन हो सकता है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बरामद सामग्री के संबंध में कौन-कौन से कानूनी प्रावधान लागू होंगे।

खुली सीमा का फायदा उठाते हैं तस्कर

भारत और नेपाल के नागरिकों के बीच सामाजिक, पारिवारिक और व्यापारिक रिश्ते हैं। दोनों देशों के बीच निर्धारित स्थानों से सामान्य आवाजाही की सुविधा भी उपलब्ध है। लेकिन इसी खुली सीमा का फायदा उठाकर कुछ लोग खाद्य पदार्थ, तंबाकू उत्पाद, शराब, उर्वरक और दूसरी वस्तुओं की अवैध आवाजाही करने का प्रयास करते हैं।

मुख्य रास्तों और जांच चौकियों से बचने के लिए खेतों, नहर की पटरियों और ग्रामीण पगडंडियों का इस्तेमाल किया जाता है। सामान को बड़े वाहन में ले जाने के बजाय छोटे-छोटे पैकेट या बोरियों में बांटकर पैदल सीमा पार पहुंचाने की कोशिश की जाती है। इस तरीके में कई लोग अलग-अलग बोरियां लेकर चलते हैं, जिससे पकड़े जाने की स्थिति में नुकसान सीमित रहे।

स्तंभ संख्या 498 के आसपास का क्षेत्र ग्रामीण और कृषि भूमि वाला बताया जाता है। ऐसे क्षेत्रों में रात या कम आवाजाही वाले समय में संदिग्ध गतिविधियों की संभावना को देखते हुए पुलिस और एसएसबी की संयुक्त गश्त कराई जाती है। स्थानीय लोगों से भी अपील की जाती है कि सीमा पर संदिग्ध व्यक्तियों या सामान की आवाजाही दिखाई देने पर तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दें।

हुक्का मसाले की प्रकृति की होगी जांच

बरामद अफजाल हुक्का मसाला तंबाकू युक्त है या तंबाकू रहित, इसकी पुष्टि उत्पाद की पैकेजिंग और जांच से होगी। अलग-अलग प्रकार के हुक्का फ्लेवर बाजार में उपलब्ध हैं। इनमें कुछ उत्पादों में तंबाकू और निकोटीन होता है, जबकि कुछ को हर्बल या तंबाकू रहित बताया जाता है। इसलिए केवल नाम के आधार पर बरामद सामग्री की प्रकृति या उस पर लागू कानून का अंतिम निर्धारण नहीं किया जा सकता।

अधिकारियों द्वारा पैकेट पर अंकित निर्माण कंपनी, बैच नंबर, वजन, उत्पादन तिथि, वैधानिक चेतावनी और कर से संबंधित विवरण का सत्यापन किया जा सकता है। यदि उत्पाद तंबाकू युक्त पाया जाता है तो उस पर तंबाकू उत्पादों से जुड़े नियम भी लागू हो सकते हैं। वहीं सीमा पार ले जाने के लिए वैध बिल, परिवहन दस्तावेज और सीमा शुल्क संबंधी अनुमति की आवश्यकता की जांच की जाएगी।

सामान की अनुमानित बाजार कीमत का आधिकारिक आकलन भी संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा। बरामदगी की संख्या के आधार पर मनमाने तरीके से कीमत बताना उचित नहीं होगा, क्योंकि अलग-अलग वजन और फ्लेवर वाले पैकेटों का मूल्य अलग हो सकता है।

फरार आरोपियों की पहचान चुनौती

इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती सामान छोड़कर भागे लोगों की पहचान करना है। घटनास्थल के आसपास मौजूद ग्रामीणों से पूछताछ, पैकेटों के बैच नंबर और खरीद के स्रोत से संभावित आपूर्ति शृंखला का पता लगाया जा सकता है। सीमा क्षेत्र के रास्तों पर लगे कैमरों या दूसरी तकनीकी जानकारी से भी सुराग मिलने की संभावना है।

बहुआर और पथलहवा सीमा क्षेत्र में इससे पहले भी संयुक्त गश्त के दौरान तस्करी का सामान बरामद किया जा चुका है। सितंबर की शुरुआत में इसी इलाके में नेपाल से कथित रूप से लाई जा रही 450 बोतल शराब बरामद हुई थी। उस कार्रवाई में भी संदिग्ध लोग बोरियां छोड़कर नेपाल की ओर भाग गए थे।

पुलिस और एसएसबी के अधिकारियों का कहना है कि सीमा पर संयुक्त गश्त जारी रहेगी। संवेदनशील पगडंडियों और खेतों के रास्तों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। बरामद हुक्का मसाले को नियमानुसार संबंधित विभाग के सुपुर्द कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फरार व्यक्तियों के बारे में जानकारी मिलने पर उनके विरुद्ध लागू कानून के तहत कदम उठाए जाएंगे।

Next Story