उत्तर प्रदेश

खनन कारोबार के नाम पर 35 लाख की ठगी, दो पर केस

nidhi
5 Oct 2026 8:03 AM IST
खनन कारोबार के नाम पर 35 लाख की ठगी, दो पर केस
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बिना OTP बताए खाते से 6.30 लाख साफ
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पहले मामले में खनन कारोबार में साझीदार बनाने के नाम पर एक व्यक्ति से 35 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। पीड़ित की शिकायत पर एसपी के आदेश के बाद हीमपुर दीपा पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। दूसरे मामले में साइबर ठगों ने एक युवक के बैंक खाते से चार ट्रांजेक्शन में 6.30 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली।
खनन कारोबार से जुड़ा मामला ग्राम पीपली जट निवासी अंकित की शिकायत पर दर्ज किया गया है। अंकित ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी मुरादाबाद के बुद्धि विहार आवास विकास कॉलोनी निवासी सचिन कुमार और धामपुर क्षेत्र के गांव अमखेड़ा निवासी दीपक चौहान से पुरानी जान-पहचान थी।
आरोप है कि दोनों ने अंकित को अपने खनन कारोबार में हिस्सेदार बनाने का प्रस्ताव दिया। उनकी बातों पर भरोसा कर अंकित ने सात अलग-अलग बार में उनके बैंक खातों में 45 लाख रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर कर दी। इसके अलावा करीब साढ़े छह लाख रुपये नकद भी दिए गए। इस तरह पीड़ित ने कारोबार में करीब 52 लाख रुपये लगाए। करीब एक साल बीतने के बाद अंकित ने कारोबार का हिसाब और अपना लाभांश मांगा। शिकायत के मुताबिक इसके बाद आरोपियों ने दो बार में कुल 17 लाख रुपये वापस कर दिए। बाकी रकम वापस मांगने पर विवाद शुरू हो गया। अंकित ने आरोप लगाया कि शेष करीब 35 लाख रुपये मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
इसके बाद अंकित ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। एसपी के आदेश पर हीमपुर दीपा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दूसरा मामला स्योहारा के मोहल्ला हयातनगर निवासी शुभम चौहान से जुड़ा है। शुभम का कैनरा बैंक में खाता है। 25 सितंबर को उसके खाते से अचानक चार अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए रकम ट्रांसफर हो गई।
पहले ट्रांजेक्शन में 2.50 लाख रुपये और दूसरे में भी 2.50 लाख रुपये निकाले गए। तीसरे ट्रांजेक्शन में 88 हजार रुपये और इसके बाद 42 हजार 813 रुपये खाते से ट्रांसफर हुए। इस तरह कुल 6 लाख 30 हजार 813 रुपये खाते से निकल गए। शुभम के मुताबिक उसने किसी व्यक्ति को अपना ओटीपी नहीं बताया था और न ही किसी संदिग्ध लिंक को खोला था। इसके बावजूद खाते से रकम ट्रांसफर होने के मैसेज आने लगे। रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद वह बैंक पहुंचा और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया।
27 सितंबर को बैंक से जानकारी लेने के बाद शुभम ने साइबर सेल में शिकायत की। उसकी तहरीर के आधार पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किस तरीके से किए गए। बिजनौर में सामने आए दोनों मामलों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक मामले में खनन कारोबार में साझेदारी के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप है, जबकि दूसरे मामले में बिना ओटीपी साझा किए युवक के बैंक खाते से 6.30 लाख रुपये से अधिक निकलने की शिकायत सामने आई है।
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