उत्तर प्रदेश

अयोध्या राम मंदिर दान मामले में 25 सितंबर तक दाखिल होगी चार्जशीट

Ratna Netam
21 Sept 2026 6:40 PM IST
अयोध्या राम मंदिर दान मामले में 25 सितंबर तक दाखिल होगी चार्जशीट
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अयोध्या : रामजन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान की कथित चोरी और गड़बड़ी से जुड़े मामले में विशेष जांच दल (SIT) की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मामले में पहली चार्जशीट 25 सितंबर 2026 तक दाखिल कर दी जाएगी। पहली गिरफ्तारी से निर्धारित 90 दिन की अवधि भी इसी तारीख को पूरी हो रही है।भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। अदालत ने SIT की ओर से सीलबंद लिफाफे में पेश विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट का अवलोकन किया और जांच की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली।
25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पहली गिरफ्तारी के बाद 90 दिनों की वैधानिक अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही है। इस अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं होने की स्थिति में आरोपियों के लिए वैधानिक या डिफॉल्ट जमानत का सवाल पैदा हो सकता है। उन्होंने अदालत को बताया कि चार्जशीट तय अवधि के भीतर दाखिल की जाएगी।सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया गया कि जांच काफी हद तक पूरी हो चुकी है और जांच एजेंसी ने आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री का विश्लेषण किया है।
CCTV फुटेज की भी हुई जांच
SIT ने जांच के दौरान राम मंदिर परिसर से जुड़े सीसीटीवी फुटेज का विस्तार से अध्ययन किया है। जांच रिपोर्ट के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, कथित दान चोरी से जुड़ी कई घटनाओं को कैमरों में रिकॉर्ड पाया गया। जांचकर्ताओं ने फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश की।मामले में अभी आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद संबंधित अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने देखी SIT की रिपोर्ट
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने SIT द्वारा प्रस्तुत स्टेटस रिपोर्ट का अध्ययन किया। अदालत पहले भी जांच दल को मामले की जांच तेजी से पूरी कर उसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के निर्देश दे चुकी है।शीर्ष अदालत ने जुलाई में कथित दान गड़बड़ी की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय SIT का संज्ञान लिया था। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को जांच टीम में फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल करने के लिए कहा था।
स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के सामने इस मामले में कई याचिकाएं लंबित हैं। इनमें कथित दान गड़बड़ी की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। कुछ याचिकाकर्ताओं ने मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय मामलों के व्यापक ऑडिट की मांग भी उठाई है।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया, लेकिन अदालत ने मौजूदा चरण में चल रही जांच को ध्यान में रखते हुए इस पर सहमति नहीं दी।
संबंधित अदालत करेगी आगे की कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद संबंधित निचली अदालत कानून के अनुसार उचित आदेश पारित कर सकती है। शीर्ष अदालत ने जांच और ट्रायल कोर्ट की प्रक्रिया के बीच अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करने का संकेत दिया। साथ ही कहा कि आगे अतिरिक्त जांच की जरूरत महसूस होने पर उचित आदेश दिया जा सकता है।
जांच के अगले चरण पर नजर
चार्जशीट दाखिल होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि SIT ने किन लोगों के खिलाफ क्या आरोप और साक्ष्य पेश किए हैं। इसके बाद संबंधित अदालत आरोपपत्र का परीक्षण करेगी और आगे की न्यायिक प्रक्रिया कानून के मुताबिक आगे बढ़ेगी।फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के सामने उत्तर प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और पहली चार्जशीट 25 सितंबर तक दाखिल की जाएगी। मामले में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और दोष या निर्दोषता का अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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