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Uttar Pradesh में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में 29 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 28 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। बैठक में होमगार्ड्स, खिलाड़ियों, स्टार्टअप और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। वहीं मदरसा से जुड़े एक प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। कैबिनेट के सबसे अहम फैसलों में होमगार्ड्स और उनके आश्रितों के लिए ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज सुविधा को मंजूरी शामिल है। इस योजना पर राज्य सरकार हर साल लगभग 35.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे हजारों होमगार्ड्स और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। अब ओलंपिक, एशियाई खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को बिना लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया के सीधे सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्हें क्रीड़ा अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी और उप क्रीड़ा अधिकारी जैसे पदों पर नियुक्त किया जाएगा। बैठक में शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है, इसलिए नाम परिवर्तन का निर्णय लिया गया है।
स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के गठन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही राज्य में डाटा सेंटर नीति को फिर से लागू किया गया है, जिससे तकनीकी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता और इन्क्यूबेशन सेंटर को अनुदान देने का भी निर्णय लिया है। पशुधन क्षेत्र के लिए भी सरकार ने नई बीमा योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत प्राकृतिक आपदा, बीमारी या दुर्घटना में पशु की मृत्यु होने पर बीमा लाभ दिया जाएगा। इसमें प्रीमियम का योगदान केंद्र, राज्य और किसान मिलकर करेंगे।
इसके अलावा कानपुर, फतेहपुर और गाजियाबाद में नए विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है। साथ ही वाराणसी में ESIC मेडिकल कॉलेज और मुरादाबाद तथा गोरखपुर में 100-100 बेड के अस्पताल बनाने के लिए जमीन आवंटन को भी मंजूरी दी गई है। होमगार्ड्स की वर्दी और धुलाई भत्ते में भी बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब वर्दी भत्ता सात साल की बजाय हर पांच साल में दिया जाएगा। इसके अलावा नगर निगमों के लिए बॉन्ड जारी करने, लोक सेवा आयोग के सदस्यों की पेंशन बढ़ाने और कृषि व उद्यान विश्वविद्यालयों की स्थापना जैसे कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कृषि और रोजगार के क्षेत्रों में बड़ा सुधार होगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।





