- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- बाराबंकी में महिलाओं...
बाराबंकी में महिलाओं को SHG से जोड़ने का अभियान, जानें योगी सरकार का प्लान

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत गांवों की उन महिलाओं की पहचान की जाएगी, जो अभी तक स्वयं सहायता समूह (SHG) से नहीं जुड़ी हैं। जिला प्रशासन ने 20 अगस्त तक घर-घर सर्वे कर पात्र महिलाओं को चिह्नित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
फतेहपुर विकास खंड में परिवार संतृप्तिकरण अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त (स्वतः रोजगार) सुनील कुमार कौशल ने अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं और ग्राम पंचायतवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध तरीके से सर्वे पूरा किया जाए।
अभियान के दौरान जिन महिलाओं का चयन होगा, उन्हें नए स्वयं सहायता समूहों में शामिल किया जाएगा या पहले से संचालित समूहों से जोड़ा जाएगा। इसके बाद उनके बैंक खाते खुलवाए जाएंगे, ताकि उन्हें सरकार की विभिन्न वित्तीय योजनाओं का लाभ मिल सके। प्रत्येक समूह को 30 हजार रुपये की चक्रीय निधि तथा 1.50 लाख रुपये तक की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकती हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित समूहों को समय पर वित्तीय सहायता दिलाई जाए, ताकि महिलाएं छोटे व्यवसाय, डेयरी, सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और अन्य आजीविका गतिविधियां शुरू कर सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान की व्यापक जानकारी पहुंचाने के लिए दीवार लेखन, नुक्कड़ नाटक, चौपाल और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ उठाएं और सरकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें।
अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक गतिविधि की जियो टैगिंग वाली तस्वीरें और दैनिक प्रगति रिपोर्ट संबंधित कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे अभियान की पारदर्शिता और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सकेगी।
उपायुक्त सुनील कुमार कौशल ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि गरीब और पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति में स्थायी सुधार लाना है। फतेहपुर विकास खंड की सभी ग्राम पंचायतों में बैठकें आयोजित कर महिलाओं को योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और उन्हें सरकारी लाभ दिलाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी नई गति मिलेगी।





