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भूजल बचाने की मुहिम तेज, मुजफ्फरनगर में जागरूकता कार्यक्रम का समापन

Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : जनपद में भूजल सप्ताह-2026 के समापन अवसर पर जिला महिला चिकित्सालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूक करना रहा। "जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प" थीम के तहत आयोजित समारोह में अधिकारियों, चिकित्सकों, अस्पताल कर्मियों और अन्य प्रतिभागियों ने जल बचाने की शपथ ली।
कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर के निर्देशन में किया गया। समारोह की अध्यक्षता जिला महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. मुरली भास्कर ने की। कार्यक्रम में जल संकट की बढ़ती समस्या और भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में तेजी से गिरता भूजल स्तर चिंता का विषय है। बढ़ती आबादी, अनियंत्रित जल दोहन और पानी की बर्बादी के कारण कई क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति पैदा हो रही है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को पानी की बचत और संरक्षण की जिम्मेदारी समझनी होगी।
अधिकारियों ने कहा कि जल केवल जीवन के लिए आवश्यक संसाधन ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। यदि समय रहते जल संरक्षण के उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकें।
कार्यक्रम के दौरान वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा की गई। बताया गया कि बारिश के पानी को संरक्षित कर भूजल स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है। इसके लिए घरों, संस्थानों और सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की जरूरत है।
जिला महिला चिकित्सालय में आयोजित इस कार्यक्रम में मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने जल संरक्षण की शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं पानी की बचत करेंगे और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. मुरली भास्कर ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को इसमें भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि भूजल सप्ताह के दौरान जिलेभर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई।
समापन कार्यक्रम में जल संरक्षण से जुड़े संदेशों को आम लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि पानी की हर बूंद कीमती है और इसे बचाना सभी की जिम्मेदारी है।
भूजल सप्ताह-2026 के समापन अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से जिलेवासियों को संदेश दिया गया कि जल बचाना केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य को सुरक्षित रखने का सबसे बड़ा कदम है।





