- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- अचार से मिठाई तक के...

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में छोटे कारोबारियों और नए उद्यम शुरू करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। जिले में ‘एक जिला-एक व्यंजन’ (ODOP) वित्त पोषण सहायता योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के माध्यम से मिर्च का अचार, मटर चाट, रसगुल्ला और जलेबी जैसे स्थानीय उत्पादों से जुड़े कारोबारियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। योजना का उद्देश्य जिले के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसके तहत इच्छुक उद्यमी अपनी नई इकाई स्थापित करने या पहले से चल रहे कारोबार का विस्तार करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत के आधार पर मार्जिन मनी अनुदान का लाभ दिया जाएगा। इससे कारोबारियों को आर्थिक सहायता मिलेगी और वे अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकेंगे। गाजीपुर के उपायुक्त उद्योग लोकेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के लिए ओडीओपी योजना के तहत मिर्च का अचार, मटर चाट, रसगुल्ला और जलेबी को चयनित उत्पादों में शामिल किया गया है। इन उत्पादों से जुड़े होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकानें और निर्माण इकाइयां इस योजना का लाभ ले सकती हैं।
उन्होंने बताया कि केवल मौजूदा कारोबारी ही नहीं, बल्कि इन क्षेत्रों में नया व्यवसाय शुरू करने वाले युवा उद्यमी भी योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और जिले के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को नई पहचान मिल सकेगी। ODOP योजना के तहत सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले के विशेष उत्पादों को बढ़ावा देकर उन्हें बाजार से जोड़ा जाए। इसके लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि छोटे उद्यमी अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकें।
गाजीपुर में मिर्च का अचार, मटर चाट, रसगुल्ला और जलेबी लंबे समय से स्थानीय पहचान से जुड़े हुए हैं। अब सरकारी सहायता मिलने से इन कारोबारों को आधुनिक तरीके से विकसित करने और बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक कारोबारी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उद्योग विभाग ने पात्र लोगों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे जरूरतमंद उद्यमियों तक योजना का लाभ आसानी से पहुंच सके।
सरकार की इस पहल से जिले में छोटे व्यवसायों को मजबूती मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है। खासकर खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े युवाओं और कारोबारियों के लिए यह योजना आर्थिक रूप से मददगार साबित हो सकती है।





