उत्तर प्रदेश

बंद रेस्टोरेंट में चल रहा था शराब का काला कारोबार, 33 आरोपियों की गिरफ्तारी

Rajeshwari Nishad
3 Nov 2026 6:40 PM IST
बंद रेस्टोरेंट में चल रहा था शराब का काला कारोबार, 33 आरोपियों की गिरफ्तारी
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चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली में अवैध शराब तस्करी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। नगर के वार्ड नंबर पांच स्थित एक बंद रेस्टोरेंट में कथित तौर पर शराब की तस्करी का काम चल रहा था। यहां शराब की खेप तैयार कर बिहार भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। मंगलवार को पुलिस ने छापेमारी करते हुए 15 पुरुषों और 18 महिलाओं समेत कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 520.7 लीटर अवैध शराब, 37,690 रुपये नकद और चार वाहन बरामद किए हैं। इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों की गिरफ्तारी से मामला चर्चा का विषय बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर के वार्ड नंबर पांच में स्थित एक रेस्टोरेंट काफी समय से बंद था। आरोप है कि इसी बंद प्रतिष्ठान की आड़ में अवैध शराब की तस्करी की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। यहां शराब की खेप तैयार कर बिहार भेजी जा रही थी। पुलिस ने छापेमारी कर मौके पर मौजूद संदिग्ध लोगों को पकड़ लिया।
इस कार्रवाई में कुल 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 18 महिलाएं और 15 पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने बड़ी मात्रा में शराब के साथ नकदी और वाहन भी जब्त किए हैं। हालांकि, गिरफ्तार प्रत्येक व्यक्ति की अलग-अलग भूमिका जांच के बाद स्पष्ट होगी।
बंद रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहा था अवैध कारोबार
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि शराब तस्करी के लिए कथित तौर पर एक बंद रेस्टोरेंट का इस्तेमाल किया जा रहा था। सामान्य तौर पर बंद प्रतिष्ठान में व्यावसायिक गतिविधियां नहीं होने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यहां बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि रेस्टोरेंट में अवैध गतिविधियां कब से चल रही थीं और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।यह भी जांच का विषय है कि शराब की आपूर्ति कहां से की जा रही थी और उसे बिहार तक पहुंचाने के लिए किन लोगों से संपर्क किया जाता था।रेस्टोरेंट का मालिक कौन है और उसकी इस मामले में कोई भूमिका थी या नहीं, यह भी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
18 महिलाओं समेत 33 लोगों की गिरफ्तारी
इस कार्रवाई की सबसे महत्वपूर्ण बात बड़ी संख्या में महिलाओं की गिरफ्तारी है। पुलिस ने 18 महिलाओं और 15 पुरुषों समेत कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।इतनी बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी से आशंका जताई जा रही है कि शराब की खेप तैयार करने और उसे आगे भेजने के काम में कई लोग शामिल हो सकते हैं।हालांकि, किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी मात्र से अपराध में उसकी संलिप्तता सिद्ध नहीं होती। पुलिस को जांच के दौरान प्रत्येक आरोपी की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करनी होगी।फिलहाल आरोपियों की पहचान, निवास स्थान और उनके बीच आपसी संबंधों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
520.7 लीटर शराब और नकदी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 520.7 लीटर अवैध शराब बरामद की है। इसके अतिरिक्त 37,690 रुपये नकद और चार वाहन भी जब्त किए गए हैं।बरामद शराब की मात्रा को देखते हुए यह मामला सामान्य अवैध बिक्री की तुलना में बड़े स्तर की तस्करी से जुड़ा हो सकता है।पुलिस के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि बरामद नकदी का संबंध शराब की खरीद-बिक्री से है या नहीं।इसके अलावा जब्त किए गए चार वाहनों की भूमिका की जांच भी आवश्यक है। क्या इन वाहनों का उपयोग शराब की ढुलाई के लिए किया जाता था या वे मौके पर मौजूद लोगों के निजी वाहन थे, इसकी स्पष्ट जानकारी जांच के बाद सामने आएगी।
बरामद शराब की अनुमानित कीमत और उसके ब्रांड के संबंध में भी विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।
बिहार भेजी जा रही थी शराब की खेप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बंद रेस्टोरेंट से तैयार की जा रही शराब की खेप बिहार भेजने की योजना थी।बिहार में अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू है। राज्य में शराब के उत्पादन, बिक्री और सेवन से संबंधित गतिविधियों पर कानूनी प्रतिबंध हैं। इसके बावजूद विभिन्न स्थानों पर अवैध शराब की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं।उत्तर प्रदेश का चंदौली जिला बिहार की सीमा के नजदीक स्थित है। ऐसे में दोनों राज्यों के बीच आवागमन वाले मार्ग शराब तस्करी रोकने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।इससे पहले भी चंदौली में बिहार भेजी जा रही शराब की खेप जब्त की जा चुकी है। सितंबर 2026 में पुलिस ने एक ट्रक से बड़ी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद करते हुए पांच लोगों को
गिरफ्तार
किया था।
तस्करी नेटवर्क की जांच महत्वपूर्ण
बंद रेस्टोरेंट से बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने के बाद अब पूरे नेटवर्क की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।पुलिस को यह पता लगाना होगा कि शराब कहां से खरीदी जा रही थी और बिहार में उसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।इसके अलावा आरोपियों के बीच आपसी संपर्क, पैसों के लेनदेन और वाहनों के उपयोग की जांच से मामले से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सकती है।अगर जांच में किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने आती है, तो पुलिस की कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।फिलहाल इस मामले में किसी बड़े गिरोह के सरगना या अन्य सहयोगियों की पहचान के बारे में प्रमाणित जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं शराब की बड़ी खेप
चंदौली में शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस पहले भी कई बड़ी कार्रवाई कर चुकी है।मार्च 2026 में चंदौली पुलिस ने एक ट्रक से लगभग 10 हजार लीटर अवैध शराब जब्त की थी। उस मामले में शराब को अन्य सामान के बीच छिपाकर बिहार पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।ऐसे मामलों से स्पष्ट होता है कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध आपूर्ति की कोशिशें जारी हैं।अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहनों की जांच, संदिग्ध गोदामों की निगरानी और राज्यों के बीच पुलिस समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
अब आगे की जांच पर टिकी निगाहें
वार्ड नंबर पांच स्थित बंद रेस्टोरेंट में हुई कार्रवाई के बाद पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब एक ही स्थान पर कैसे एकत्र की गई। इसके अलावा रेस्टोरेंट में मौजूद 33 लोगों की अलग-अलग भूमिका क्या थी और शराब को बिहार भेजने की व्यवस्था किसने की थी।
पुलिस की जांच में शराब की आपूर्ति करने वाले व्यक्तियों और संभावित खरीदारों की पहचान भी अहम होगी।फिलहाल 520.7 लीटर शराब, 37,690 रुपये नकद और चार वाहनों की बरामदगी के साथ 33 लोगों की गिरफ्तारी को बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
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