उत्तर प्रदेश

भाजपा का समरसता संकल्प अभियान, मंदिरों और आश्रमों में संतों का सम्मान

Ratna Netam
29 July 2026 9:01 PM IST
भाजपा का समरसता संकल्प अभियान, मंदिरों और आश्रमों में संतों का सम्मान
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नोएडा : भारतीय जनता पार्टी गौतमबुद्धनगर की ओर से संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती, गुरु पूर्णिमा और समरसता संकल्प अभियान के अवसर पर जिले के विभिन्न मंदिरों, आश्रमों और धार्मिक स्थलों पर संत सम्मान कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संत-महात्माओं का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा समाज में समरसता, सामाजिक एकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।

भाजपा पश्चिम उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने परी चौक स्थित झंडेवालान मंदिर, बीटा-2 स्थित श्री सुशील जी महाराज के आश्रम सहित कई स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने संतों का पुष्पमाला और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया तथा उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में संतों और गुरुओं का स्थान सर्वोच्च है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों की स्थापना संभव है।

नवाब सिंह नागर ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा से संतों, महापुरुषों और समाज सुधारकों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्य करती रही है। उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज ने सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का संदेश दिया था। आज भी उनके विचार समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश फैलाएं।

उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो गुरु और शिष्य के पवित्र संबंध का प्रतीक है। गुरु ही व्यक्ति के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और उसे ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। इसलिए गुरुजनों का सम्मान करना और उनके आदर्शों का अनुसरण करना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।

कार्यक्रमों में उपस्थित संत-महात्माओं ने भी समाज को एकजुट रहने, आपसी प्रेम और सद्भाव बनाए रखने तथा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता तभी मजबूत होगी जब समाज के सभी वर्ग बिना किसी भेदभाव के एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।

भाजपा नेताओं ने कहा कि समरसता संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक समानता, सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि संतों के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

इस अवसर पर विभिन्न मंदिरों और आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं ने संतों के प्रवचन सुने और समाज में शांति, सद्भाव तथा राष्ट्र की उन्नति के लिए प्रार्थना की। कई स्थानों पर प्रसाद वितरण और सामूहिक भोजन का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में भाजपा के जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा तथा अन्य प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने संतों का सम्मान कर उनके आशीर्वाद प्राप्त किए और समाज में समरसता तथा एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी, ताकि संतों और महापुरुषों के विचार नई पीढ़ी तक पहुंच सकें और समाज में सेवा, संस्कार, समानता तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक सशक्त बनाया जा सके। गुरु पूर्णिमा और संत गुरु रविदास महाराज की जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सामने आया।

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