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मानसूनी बारिश से धीमे पड़े काम, न्यायखंड और इंदिरापुरम में हालात खराब

गाजियाबाद। मानसून की बारिश ने ट्रांस हिंडन क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। नगर निगम की ओर से कराए जा रहे सड़क निर्माण, नाला निर्माण और भूमिगत लाइनों से जुड़े कई काम फिलहाल रोक दिए गए हैं। इसके कारण स्थानीय लोगों को बेहतर सड़कों और सुविधाओं के लिए अभी कुछ समय और इंतजार करना पड़ेगा। बारिश के कारण अधूरे पड़े निर्माण कार्यों से लोगों को उखड़ी सड़कों, कीचड़ और आवाजाही की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रांस हिंडन क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्रिड योजना (सीएम ग्रिड) के तहत इंदिरापुरम, वैशाली और कौशांबी जैसे इलाकों में सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्य शुरू किए गए थे। इन क्षेत्रों में सड़कों को बेहतर बनाने के साथ बिजली और अन्य लाइनों को भूमिगत करने का काम भी चल रहा था। लेकिन मानसून शुरू होने के बाद लगातार बारिश के कारण इन परियोजनाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार बारिश के मौसम में सड़क निर्माण करना मुश्किल होता है, क्योंकि गीली सतह पर निर्माण सामग्री सही तरीके से नहीं टिक पाती। इसी वजह से कई स्थानों पर काम रोकना पड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही बारिश से राहत मिलेगी, निर्माण कार्यों को दोबारा शुरू कर तेजी से पूरा कराया जाएगा।
सबसे ज्यादा परेशानी न्यायखंड क्षेत्र के लोगों को उठानी पड़ रही है। न्यायखंड-1 में सड़क निर्माण के लिए खोदाई कर दी गई थी, लेकिन बारिश के कारण काम अधूरा रह गया। सड़क का एक बड़ा हिस्सा खराब स्थिति में है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। फिलहाल रास्ते को आवाजाही के लिए बंद रखा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान यहां कीचड़ जमा हो जाता है और पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
इंदिरापुरम क्षेत्र में भी कई जगहों पर विकास कार्य बंद पड़े हैं। आदित्य मॉल के पास कई दिनों से जेसीबी मशीन खड़ी है और काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। पत्रकार विहार के पास सड़क निर्माण का कार्य भी काफी समय से रुका हुआ है। सड़क किनारे पड़े मलबे के कारण रास्ता संकरा हो गया है, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को परेशानी हो रही है।
एटीएस सोसायटी के आसपास भी निर्माण कार्य बंद होने से मिट्टी के ढेर जमा हैं। बारिश होने पर यही मिट्टी कीचड़ में बदल जाती है और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सोसायटी और आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि विकास कार्य शुरू होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही बेहतर सड़कें मिलेंगी, लेकिन मानसून के कारण अब इंतजार बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी, ताकि बारिश के दौरान लोगों को परेशानी न हो। कई जगहों पर बैरिकेडिंग तो की गई है, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ की समस्या बनी हुई है।
नगर निगम वसुंधरा जोन के अवर अभियंता संजय गंगवार ने बताया कि निर्माणाधीन सभी स्थानों पर लोगों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैरिकेडिंग की गई है। उन्होंने कहा कि जहां भी मलबा और मिट्टी जमा है, उसे जल्द हटाने की व्यवस्था की जाएगी। बारिश रुकने के बाद सभी अधूरे कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाएगा।
गाजियाबाद में मानसून हर साल विकास कार्यों के लिए चुनौती बनता है। इस बार भी बारिश के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की गति धीमी हो गई है। हालांकि नगर निगम का दावा है कि मौसम सामान्य होते ही काम दोबारा शुरू कर दिए जाएंगे और लोगों को जल्द ही बेहतर सड़क और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। फिलहाल न्यायखंड, इंदिरापुरम, वैशाली और कौशांबी के लोगों को कुछ और समय तक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।





