उत्तर प्रदेश

Bihar चुनाव 2025: त्योहारों को ध्यान में रखकर तय होंगी मतदान की तारीखें

Harrison
2 Jun 2025 3:31 PM IST
Bihar चुनाव 2025: त्योहारों को ध्यान में रखकर तय होंगी मतदान की तारीखें
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Bihar बिहार: विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की घोषणा दीपावली और छठ पर्व को ध्यान में रखकर की जाएगी। चुनाव आयोग की तैयारियां तेज, दो से तीन चरणों में हो सकता है मतदान। जानें EC का पूरा प्लान।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जहां राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां ज़ोर पकड़ रही हैं। फिलहाल चुनाव की तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दशहरा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों को ध्यान में रखते हुए ही चुनाव की तारीखें तय की जाएंगी। उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में उससे पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है।
संभावना जताई जा रही है कि चुनाव दो से तीन चरणों में कराए जा सकते हैं, क्योंकि बिहार का भूगोल और विधानसभा का आकार बड़ा है। राज्य की 243 विधानसभा सीटें व्यापक क्षेत्र में फैली हुई हैं, और साथ ही यहां हर साल मानसून के दौरान बाढ़ का खतरा भी रहता है, जिससे कई जिले प्रभावित होते हैं। इन सभी कारकों को ध्यान में रखकर ही चुनाव आयोग मतदान की तिथियों पर अंतिम फैसला लेगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बिहार दौरा इस महीने
जानकारी के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इसी महीने बिहार का दौरा करने वाले हैं ताकि चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की जा सके। गौरतलब है कि 2020 के विधानसभा चुनाव तीन चरणों में कराए गए थे, जबकि 2015 में पांच चरणों और 2010 में छह चरणों में चुनाव हुए थे।
त्योहारों के बीच मतदान का संतुलन बनाएगा आयोग
चुनाव आयोग ने जो संकेत दिए हैं, उनके अनुसार वर्ष 2025 में दीपावली 20 अक्टूबर को और छठ पूजा 27 अक्टूबर को पड़ेगी। इसके पहले 22 सितंबर से दुर्गा पूजा शुरू होकर 2 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। आयोग का उद्देश्य होगा कि इन त्योहारों के बीच ऐसी तारीखें तय की जाएं, जिससे मतदाता अधिक से अधिक संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। वहीं, जुलाई से सितंबर तक का मानसून काल राज्य के कई इलाकों को बाढ़ग्रस्त बना देता है, खासकर पूर्वी और उत्तरी बिहार को। इसलिए मानसून समाप्त होने के बाद चुनाव कराना ही एक व्यावहारिक विकल्प होगा।
चुनाव से पहले कर्मचारियों का प्रशिक्षण और मतदाता सूची का संशोधन शुरू
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, चुनाव की तिथियों की घोषणा से पहले ही चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू हो चुका है। इसके साथ ही, सभी राजनीतिक दलों को चुनाव की तैयारियों और नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। फाइनल वोटर लिस्ट के निर्माण को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि कोई योग्य मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। राज्यभर में एक अभियान चलाया जा रहा है ताकि 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।
ECINET डैशबोर्ड से मिलेगी डिजिटल सहूलियत
चुनाव आयोग ने अब ECINET नामक एकीकृत डैशबोर्ड की शुरुआत का फैसला लिया है। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां चुनाव आयोग की सभी सेवाएं एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। पहले जहां लगभग 40 अलग-अलग ऐप्स की मदद से सेवाओं का उपयोग होता था, अब सारी सुविधाएं एक ही जगह से मिल सकेंगी। माना जा रहा है कि यह सिस्टम बिहार विधानसभा चुनाव तक पूरी तरह से लागू हो जाएगा। इसके माध्यम से डुप्लीकेट ईपीआईसी नंबर (EPIC Number) की शिकायतों से भी छुटकारा मिल सकेगा।
मतदाता बूथों पर भी होंगे बदलाव, दूरी कम होगी
एक और महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, अब प्रत्येक बूथ पर अधिकतम 1500 की जगह 1200 वोटरों को ही शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पोलिंग बूथ बनाए जा रहे हैं ताकि किसी भी मतदाता को अपने बूथ तक पहुंचने के लिए 2 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय न करनी पड़े। इसके साथ ही, मृत वोटरों के नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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