- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- अमरोहा गैंगरेप केस में...

x
गैंगरेप आरोप मामले में पुलिस पर एक्शन
अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में फार्म हाउस पर महिला से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने हस्तक्षेप किया है। आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने समयबद्ध और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सात दिन के भीतर देने को कहा है। यह मामला अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र स्थित एक फार्म हाउस से जुड़ा है। आरोप है कि हरियाणा की एक महिला के साथ वहां सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। मामले में यूपी पुलिस और सीआरपीएफ से जुड़े कर्मियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामले में हसनपुर कोतवाली में तैनात दारोगा संजय तोमर और सिपाही प्रमोद मलिक के अलावा सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर लालाराम यादव और हेड कांस्टेबल मोहित के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, सीआरपीएफ कर्मियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को जानकारी भेजी गई है। मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को पत्र भेजकर मामले की विस्तृत जांच कराने और पीड़िता को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस जांच में घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आरोपियों और पीड़िता से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच के लिए नमूने भी भेजे गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले के सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग पर भी सवाल उठे हैं। अधिकारियों ने कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल राष्ट्रीय महिला आयोग की निगरानी में मामले की प्रगति रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस और संबंधित विभागों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की विस्तृत स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Next Story





