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AKTU पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, 32 मिनट पहले हुआ था पेपर वायरल

गाजियाबाद। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) की बीटेक एंड सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में अब गाजियाबाद के वेव सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इससे पहले यह मामला नोएडा सेक्टर-58 थाने में जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज हुआ था, जिसे जांच के लिए गाजियाबाद ट्रांसफर किया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र कैसे बाहर पहुंचा और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि परीक्षा शुरू होने से करीब 32 मिनट पहले अधिकृत सिस्टम से प्रश्नपत्र डाउनलोड किया गया था।
जानकारी के अनुसार, 21 मई को AKTU की बीटेक एंड सेमेस्टर परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा केंद्र जेएसएस एकेडमी ऑफ टेक्निकल एजुकेशन बनाया गया था। इस दौरान बीसीएस-603 (कंप्यूटर नेटवर्क्स) विषय की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक होनी थी।
केंद्र अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौहान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि परीक्षा के दौरान अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज में एक छात्र को अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। जांच के दौरान छात्र के मोबाइल फोन से परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र और उत्तर मिले।
पूछताछ में पता चला कि छात्र के मोबाइल में परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र की सॉफ्ट कॉपी मौजूद थी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा केंद्र के डिजिटल लॉग और अन्य रिकॉर्ड की जांच की गई।
जांच में सामने आया कि परीक्षा शुरू होने से पहले दोपहर 1:28 बजे परीक्षा केंद्र के अधिकृत सिस्टम से आवंटित लॉगिन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल कर प्रश्नपत्र डाउनलोड किया गया था। पुलिस को डाउनलोड से संबंधित आईपी एड्रेस भी मिला है। इसके आधार पर अब डिजिटल ट्रेल की जांच की जा रही है।
पुलिस को आशंका है कि किसी व्यक्ति ने परीक्षा केंद्र की अधिकृत लॉगिन आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल किया। इसके बाद प्रश्नपत्र को डिजिटल माध्यम से आगे भेजा गया। अब जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि लॉगिन क्रेडेंशियल किसने इस्तेमाल किया और प्रश्नपत्र सबसे पहले किस व्यक्ति तक पहुंचा।
वेव सिटी थाना पुलिस इस मामले में मोबाइल फोन, सर्वर लॉग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस मामले में केवल एक छात्र शामिल था या फिर इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है। पुलिस को संदेह है कि प्रश्नपत्र लीक करने के लिए सुनियोजित तरीके से डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्र केवल अधिकृत सिस्टम के जरिए उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग होना जांच का अहम बिंदु है।
पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान की जाएगी और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी गई है।
AKTU पेपर लीक मामला सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों तक पहुंचा जा सके और परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जा सके।





