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Lucknow में पोस्टर वार, श्रीकृष्ण बयान पर बीजेपी ने घेरा सपा को

Lucknow लखनऊ : भगवान श्रीकृष्ण को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी के कथित विवादित बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे को लेकर राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। वीवीआईपी गेस्ट हाउस चौराहे पर लगाए गए पोस्टरों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है।
मामले की शुरुआत भाजपा नेता मनीष यादव की ओर से लगाए गए पोस्टरों से हुई। इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की गई थी। भाजपा की ओर से लगाए गए पोस्टरों में सपा नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे पर पार्टी को अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए।
भाजपा नेता की ओर से लगाए गए पोस्टरों में मौलाना के बयान को लेकर अखिलेश यादव से जवाब मांगते हुए कई सवाल लिखे गए थे। पोस्टर में आरोप लगाया गया कि मौलाना के बयान पर समाजवादी पार्टी की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके बारे में किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वहीं, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इन पोस्टरों का विरोध किया और बाद में उन्हें फाड़ दिया। सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों को चुनावी राजनीति से जोड़कर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।
पोस्टर हटाए जाने के बाद दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने सपा कार्यकर्ताओं की इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति रोकने का प्रयास बताया, जबकि सपा नेताओं ने भाजपा पर समाज में विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया।
मामले को लेकर राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा कार्यकर्ता मौलाना के बयान पर सपा प्रमुख से जवाब मांग रहे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी इस पूरे विवाद को भाजपा की राजनीतिक रणनीति बता रही है।
गौरतलब है कि धार्मिक और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से जुड़े बयान अक्सर राजनीतिक बहस का विषय बन जाते हैं। इस मामले में भी भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान ने राजनीतिक दलों को आमने-सामने ला दिया है। फिलहाल दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों और किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।





