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Ayodhya राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा अवसर, CEO पद के लिए आवेदन आमंत्रित

Ayodhya अयोध्या : श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए योग्य और इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे हैं। ट्रस्ट की ओर से जारी सूचना के अनुसार, आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 18 जुलाई (शनिवार) शाम 4 बजे तक निर्धारित की गई है। चयनित अधिकारी की नियुक्ति अयोध्या में होगी और यह नियुक्ति तीन साल के लिए होगी। हालांकि, संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर कार्यकाल को आगे बढ़ाया जा सकता है।
ट्रस्ट के अनुसार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए उम्मीदवारों की योग्यता और अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी। इस पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी का कम से कम स्नातक होना अनिवार्य है। इसके अलावा उम्मीदवार की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
CEO पद के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त बड़े सार्वजनिक संगठन, संस्था, विभाग या कंपनी में कम से कम 20 वर्षों का प्रबंधकीय अनुभव है। उम्मीदवार के पास सामान्य प्रशासन, वित्त, लेखा, कार्मिक प्रबंधन, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और विधि जैसे क्षेत्रों के समन्वय और नेतृत्व का अनुभव होना चाहिए।
ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार का सक्रिय हिंदू होना आवश्यक है। वहीं, श्रीराम भक्त वैष्णव परंपरा से जुड़े अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी। उम्मीदवार को हिंदी और अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान होना भी जरूरी होगा। मंदिर प्रबंधन, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी या किसी हिंदू धार्मिक संस्था के संचालन का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को चयन में प्राथमिकता दी जा सकती है।
ट्रस्ट की अधिसूचना में कहा गया है कि अनुभव, कौशल और प्रशासनिक क्षमता रखने वाले सेवानिवृत्त अधिकारी भी इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। चयनित अधिकारी को वेतन और अन्य सुविधाएं आपसी सहमति के आधार पर प्रदान की जाएंगी।
CEO की होंगी ये प्रमुख जिम्मेदारियां
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यों और जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया है। CEO ट्रस्ट के महामंत्री के प्रति उत्तरदायी होंगे। उन्हें संस्था के सभी वैधानिक, प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
CEO को संस्था की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करनी होगी। इसके साथ ही ट्रस्ट के उद्देश्यों के अनुरूप संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना, अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों का नेतृत्व करना और संस्थागत गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करना होगा।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी को मंदिर और ट्रस्ट की वर्तमान गतिविधियों के साथ भविष्य की योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। उन्हें वित्तीय लेनदेन, लेखा व्यवस्था और सूचनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी।
इसके अलावा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, जरूरत पड़ने पर स्थानीय, राज्य और केंद्र सरकार के विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना भी CEO के दायित्वों में शामिल होगा।
ट्रस्ट के अनुसार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी को मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और उत्सवों का नियमित एवं सुचारु संचालन सुनिश्चित करना होगा। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और संतुष्टि का ध्यान रखना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
CEO को श्री राम जन्मभूमि मंदिर की प्रतिष्ठा को बढ़ाने, सनातन परंपराओं के संरक्षण और विकास में सहयोग करने तथा ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा एवं नियमानुसार प्रबंधन का कार्य भी देखना होगा।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर के बढ़ते महत्व और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए CEO का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रस्ट अब ऐसे अनुभवी और सक्षम अधिकारी की तलाश में है, जो प्रशासनिक दक्षता के साथ धार्मिक और संस्थागत जिम्मेदारियों को भी प्रभावी तरीके से निभा सके।





