उत्तर प्रदेश

Bhopal: डिप्रेशन और मोटापा दूर करने के नाम पर नशे का गोरखधंधा

Admindelhi1
20 July 2025 5:53 PM IST
Bhopal: डिप्रेशन और मोटापा दूर करने के नाम पर नशे का गोरखधंधा
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भोपाल: भोपाल क्राइम ब्रांच ने ड्रग तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपित युवाओं को एमडी ड्रग्स (मेथामफेटामिन) की लत लगाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाते थे। वे वजन कम करने से लेकर अवसाद से जूझ रहे लोगों को एमडी ड्रग्स दवा के रूप में दिलवाते थे। इसके लिए वे डॉक्टरों का सहारा भी लेते थे। बाद में नशे के आदी हो चुके यही युवा उनके स्थायी ग्राहक बन जाते थे तो उन्हें महंगे दामों पर ड्रग्स बेचते थे।

इसके अलावा तस्कर शहर के क्लब-पबों में होने वाली नाइट पार्टियों और कालेजों में भी लंबे समय से एमडी ड्रग्स खपा रहे थे। क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि तस्कर शुक्रवार रात गोविंदपुरा स्थित सब्जी मंडी टीन शेड के पास एमडी ड्रग्स लेकर किसी ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बुधवारा निवासी 28 वर्षीय सैफुद्दीन पिता रफीकउद्दीन व ऐशबाग स्थित बाग फरहत अफजा निवासी 28 वर्षीय आशू उर्फ शाहरूख की तलाशी ली तो उनके पास से 15.14 ग्राम एमडी ड्रग्स मिला।

पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है

पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर ड्रग्स, स्कूटी और मोबाइल जब्त कर लिया है। इनमें से एक आरोपित सैफुद्दीन पांच हजार का इनामी बदमाश था, जो क्राइम ब्रांच के ही एनडीपीएस के एक मामले में फरार था। एसआइ नितिन पटेल के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे लंबे समय से ड्रग्स तस्करी के गिरोह से जुड़े हैं। सनव्वर नामक तस्कर से वे एमडी ड्रग्स खरीदते हैं। इसके बाद आरोपित उस एमडी ड्रग्स को महंगे दामों पर भोपाल के पबों और क्लबों में बेचते थे।

डॉक्टर और जिम ऑपरेटर करते थे उनकी मदद

साथ ही कॉलेजों में नशे के आदी युवाओं को भी सप्लाई करते थे। आरोपितों का कहना है कि वे ड्रग्स की लत लगाने के लिए नए ग्राहकों को भी तैयार करते थे। इनमें कुछ डॉक्टर भी उनकी मदद करते थे। वे अवसाद से जूझ रहे लोगों को एमडी ड्रग्स दवाई के रूप में देते थे, ताकि वे इसके आदी हो जाएं और फिर महंगे दामों पर खरीदें। इसके अलावा जिम संचालक एक्सरसाइज करने वाले लोगों को मोटापा कम करने की दवाई के रूप में ड्रग्स देते थे।

आरोपितों ने पूछताछ में ड्रग्स की बात भी कबूली है। आरोपितों ने इस गिरोह से जुड़े करीब दस संदिग्ध लोगों के नाम लिए हैं, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी भी संदिग्ध की पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि जांच के घेरे में डाक्टर, जिम और पब संचालक हैं। उनकी जांच की जा रही है, जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

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