उत्तर प्रदेश

जंगल में मिला विवाहिता का सिर कटा शव इलाके में दहशत

Kavita2
11 Sept 2026 1:59 PM IST
जंगल में मिला विवाहिता का सिर कटा शव इलाके में दहशत
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बलियापुर : ढांगी गांव के पास खेरबड़िया नामक सुनसान एवं जंगली इलाके में शुक्रवार सुबह एक विवाहिता का सिर कटा शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। महिला का धड़ एक स्थान पर पड़ा था, जबकि करीब 100 मीटर दूर खेत की आड़ में उसका कटा हुआ सिर प्लास्टिक की बोरी में मिला। घटनास्थल के आसपास लाल कपड़ा, अगरबत्ती के टुकड़े, नया शॉल और महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली माला मिलने के कारण ग्रामीणों में जादू-टोना एवं नरबलि की अफवाह फैल गई। हालांकि, पुलिस ने अभी ऐसी किसी संभावना की पुष्टि नहीं की है।

घटना का पता शुक्रवार सुबह उस समय चला, जब किशोर कुमार महतो नामक युवक शौच के लिए खेरबड़िया की ओर गया था। सुनसान स्थान पर महिला का शव देखकर वह भयभीत हो गया। किशोर वहां से तुरंत गांव लौटा और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के पास जमा होने लगे। इसके बाद ग्रामीणों ने बलियापुर थाना पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही बलियापुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए जांच प्रारंभ की। पुलिस ने लोगों को शव तथा आसपास पड़ी वस्तुओं से दूर रहने की हिदायत दी। महिला का धड़, सिर और मौके से मिले लाल कपड़े सहित अन्य सामान को चूने से घेरकर सुरक्षित किया गया, ताकि किसी व्यक्ति की आवाजाही या छेड़छाड़ से महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट न हों।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जिस स्थान पर महिला का धड़ पड़ा था, उससे लगभग 100 मीटर दूर खेत की आड़ में एक प्लास्टिक की बोरी मिली। इसी बोरी के भीतर उसका सिर रखा हुआ था। धड़ से कुछ दूरी पर लाल कपड़ा और अगरबत्ती के अवशेष भी दिखाई दिए। गर्दन के कटे हुए हिस्से पर मिट्टी लगी होने की बात सामने आई है। इन परिस्थितियों ने मामले को अधिक रहस्यमय बना दिया है।

महिला का सिर जिस बोरी में मिला, उससे लगभग पांच से छह मीटर की दूरी पर एक नया लाल शॉल और महिलाओं के गले में पहनी जाने वाली माला पड़ी हुई थी। इन वस्तुओं को देखकर ग्रामीणों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने घटना को जादू-टोना या कथित नरबलि से जोड़ना शुरू कर दिया, लेकिन पुलिस ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

मौके पर धार्मिक अनुष्ठान जैसी दिखाई देने वाली कुछ वस्तुओं का मिलना अपने आप में नरबलि या तंत्र-मंत्र का प्रमाण नहीं माना जा सकता। ऐसी वस्तुएं हमलावरों द्वारा जांच को भ्रमित करने के लिए भी रखी गई हो सकती हैं या उनका घटना से कोई अलग संबंध हो सकता है। इन सभी संभावनाओं की पुष्टि केवल वैज्ञानिक जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकेगी।

मृतका की पहचान फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस आसपास के गांवों और संबंधित थाना क्षेत्रों में हाल में लापता हुई महिलाओं की जानकारी जुटा सकती है। महिला की आयु, कपड़े, आभूषण और अन्य पहचान चिह्नों के आधार पर उसकी पहचान स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। पहचान होने के बाद उसके परिजनों, वैवाहिक जीवन और हाल की गतिविधियों की जानकारी से जांच को दिशा मिल सकती है।

घटनास्थल की स्थिति को देखकर आशंका जताई जा रही है कि महिला की हत्या किसी अन्य स्थान पर करने के बाद शव यहां लाकर फेंका गया हो सकता है। यह भी संभव है कि वारदात इसी सुनसान इलाके में हुई हो। फिलहाल दोनों संभावनाएं जांच के दायरे में हैं। घटनास्थल पर खून, पैरों के निशान, वाहन के पहियों के निशान या घसीटने के संकेत मिलने से वारदात के स्थान के बारे में जानकारी मिल सकती है।

बलियापुर पुलिस मामले की विस्तृत जांच के लिए रांची से विशेष टीम और खोजी कुत्तों के पहुंचने का इंतजार कर रही है। विशेष टीम घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्र करेगी। खोजी कुत्तों की मदद से आसपास के जंगल, खेत और संपर्क मार्गों की छानबीन की जा सकती है। इससे आरोपियों के आने-जाने के रास्ते या घटना से जुड़ी अन्य वस्तुओं तक पहुंचने में सहायता मिल सकती है।

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित रखा है। मृतका के शव और वहां मिली प्रत्येक वस्तु की तस्वीर तथा वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जा सकती है। लाल कपड़ा, अगरबत्ती, प्लास्टिक की बोरी, शॉल और माला को जांच के लिए जब्त किया जाएगा। इन वस्तुओं पर मौजूद उंगलियों के निशान, बाल, खून या अन्य जैविक साक्ष्य आरोपियों की पहचान में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

प्लास्टिक की बोरी की भी बारीकी से जांच की जाएगी। उस पर किसी दुकान, कंपनी या कारोबारी संस्थान का नाम अथवा निशान मिलने पर उसके स्रोत तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। इसी तरह नया लाल शॉल और माला कहां से खरीदी गई, इसका पता लगाना भी जांच की एक कड़ी बन सकता है। आसपास के बाजारों और दुकानों की जानकारी जुटाकर संदिग्ध खरीदार की पहचान का प्रयास किया जा सकता है।

महिला के शव का पोस्टमार्टम हत्या के समय और तरीके से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों का जवाब दे सकता है। चिकित्सकीय जांच से यह पता चलेगा कि महिला की मौत सिर काटे जाने से हुई या उससे पहले किसी अन्य तरीके से उसकी हत्या की गई थी। शरीर पर मौजूद अन्य चोटों और संभावित संघर्ष के निशानों का भी परीक्षण किया जाएगा।

महिला के विवाहित होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आने के बाद पुलिस उसके पति और ससुराल पक्ष की पहचान करने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही मायके वालों, मित्रों और परिचितों से भी पूछताछ की जा सकती है। मोबाइल फोन, हाल की कॉल और अंतिम बार देखे जाने के स्थान से जुड़ी जानकारी घटना की कड़ियां जोड़ने में मददगार हो सकती है।

सुनसान स्थान होने के कारण प्रत्यक्षदर्शी मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। इसके बावजूद गांव की ओर आने वाले रास्तों, मुख्य मार्गों और आसपास के प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग उपयोगी साबित हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि गुरुवार रात या शुक्रवार तड़के किसी संदिग्ध वाहन अथवा व्यक्ति की आवाजाही हुई थी या नहीं।

ग्रामीणों में फैली जादू-टोना और नरबलि की चर्चा ने इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस के लिए हत्या का खुलासा करने के साथ अफवाहों को नियंत्रित करना भी चुनौती होगी। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि हर संभावना की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना मामले की दिशा प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल सबसे पहली प्राथमिकता मृतका की पहचान स्थापित करना और घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना है। विशेष टीम और खोजी कुत्तों के पहुंचने के बाद आसपास के क्षेत्र में व्यापक छानबीन की जाएगी। इस जघन्य हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, पारिवारिक विवाद, अपराध छिपाने की कोशिश या कोई अन्य कारण था, इसका खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगा।

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